मोदरान रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की कमी: ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, रेल मंत्री को भेजा 10 सूत्रीय मांग पत्र

मोदरान रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की कमी: ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, रेल मंत्री को भेजा 10 सूत्रीय मांग पत्र

जालोर. दक्षिण भारत से जुड़ी रेल सुविधाओं के विस्तार और मोदरान (MON) रेलवे स्टेशन पर ठहराव की वर्षों पुरानी मांगों को लेकर अब क्षेत्र के ग्रामीणों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

आशापुरी माताजी रेल संघर्ष समिति के नेतृत्व में रेल मंत्री अश्विनी कुमार वैष्णव को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर 10 प्रमुख मांगें रखी गई हैं।

उपेक्षा का शिकार बना 'मोदरान'

ग्रामीणों का आरोप है कि समदड़ी–जालोर–भीलड़ी रेल मार्ग पर स्थित मोदरान एक प्रमुख स्टेशन होने के बावजूद आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। आजादी के 79 वर्षों बाद भी इस मार्ग पर न तो पर्याप्त पैसेंजर ट्रेनें हैं और न ही एक्सप्रेस ट्रेनों में आम यात्रियों के लिए जनरल कोच की सुविधा।

प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें:

नया ठहराव: चेन्नई–भगत की कोठी एक्सप्रेस (20625/20626) का मोदरान स्टेशन पर तुरंत स्टॉपेज दिया जाए।

प्लेटफार्म निर्माण: दोहरीकरण कार्य के दौरान आबादी क्षेत्र को देखते हुए पहले प्लेटफार्म बनाया जाए, उसके बाद ही लाइन बिछाई जाए।

अमृत भारत योजना: मोदरान को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' में शामिल कर प्लेटफार्म संख्या 1 पर नया प्रतीक्षालय और आधुनिक आरक्षण कार्यालय बनाया जाए।

विज्ञापन

कनेक्टिविटी: बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म 1 व 2 के बीच अंडरब्रिज (सबवे) और लिफ्ट लगाई जाए।

C-72 क्रॉसिंग: नरपुरा (नून हवाई पट्टी) के पास रेलवे क्रॉसिंग C-72 पर डबल रोड या आरओबी (ROB) का निर्माण हो।

C-73 क्रॉसिंग: मुख्य सड़क पर स्थित क्रॉसिंग को यथावत रखते हुए अंडरब्रिज की ऊंचाई बढ़ाई जाए।

C-74 (आशापुरी माताजी मंदिर): प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के पास स्थित क्रॉसिंग पर बड़ा अंडरब्रिज बनाया जाए।

नई ट्रेनें: समदड़ी–भीलडी मार्ग से होते हुए दक्षिण भारत के लिए नई रेल सेवाएं शुरू की जाएं।

समय परिवर्तन: जोधपुर–गांधीधाम सुपरफास्ट (22483/22484) के समय में सुधार किया जाए।

विस्तार: बाड़मेर-अहमदाबाद पैसेंजर और जयपुर-दिल्ली से भीलडी/गांधीधाम तक नई ट्रेनें चलाई जाएं।

जन-आंदोलन की चेतावनी

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोच न होने से गरीब यात्रियों को मजबूरी में महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM), जयपुर महाप्रबंधक (GM) और स्थानीय सांसद को भी भेजी गई है। "यदि हमारी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो मोदरान सहित सेरना, धानसा, नरपुरा, नून, सरत और भीनमाल सहित सैकड़ों गांवों के लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।"