राबाउमावि गोडिजी जालोर में बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी

राबाउमावि गोडिजी जालोर में बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी

जालोर . महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित के निर्देशन में में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गोड़ीजी जालोर में बालिकाओं के साथ 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत आभियान के तहत बाल विवाह रोकथाम के प्रति बालिकाओं को जागरूक किया गया। 

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पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की प्रबंधक तरुणा दवे ने बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। विवाह कि सही उम्र ’लड़की की आयु 18 वर्ष एवं लड़के की आयु 21 वर्ष’ निर्धारित है एवं बाल विवाह ’प्रतिषेध अधिनियम 2006’ के अतर्गत ’बाल विवाह अपराध है जिसमें 2 साल’ का कठोर कारावास के दण्ड व ’एक लाख रुपये’ जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह की शिकायत बाल प्रतिषेध अधिकारी को किए जाने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना, शिक्षा सेतु योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार, अध्यापिका गीता परमार, निशा, रेखा यादव, अध्यापक महेंद्र कुमार, नेतल कुमारी, शारीरिक शिक्षिका शांति चौहान व कनिष्ठ सहायक मधुमिता मिश्रा सहित बालिकाएं मौजूद रही।