अभयदास के तेवरों के बाद अब विधायक जोगेश्वर गर्ग ने सरकार से मांगी जानकारी, जालोर किले से तलहटी तक कौन-कौन दफनाए गए

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DDT Team Verified Media or Organization • 01 Aug, 2026 Chief Editor
Jan 28, 2026 • 5:36 PM  0
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अभयदास के तेवरों के बाद अब विधायक जोगेश्वर गर्ग ने सरकार से मांगी जानकारी, जालोर किले से तलहटी तक कौन-कौन दफनाए गए
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28 Jan 2026
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अभयदास के तेवरों के बाद अब विधायक जोगेश्वर गर्ग ने सरकार से मांगी जानकारी, जालोर किले से तलहटी तक कौन-कौन दफनाए गए

जालोर. जालोर विधायक व राजस्थान विधानसभा में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सरकार में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी से एक जानकारी मांगकर फिर से एक चर्चा का विषय खड़ा कर दिया। गर्ग ने उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि जालोर किले से तलहटी तक कितनी मजारें है और उसमें किन किन को दफनाया गया है, इसकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाय। ताकि इससे स्पष्ट हो सके कि मजारें अवैध है या वैध। गर्ग की इस मांग को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है।

अभयदास ने मजारों को लेकर दिखाए थे तेवर

दरअसल, जुलाई 2025 में जोगेश्वर गर्ग व उनकी टीम की ओर से एक धार्मिक कार्यक्रम करवाया था, उसमें कथा वाचन के लिए अभयदास को आमंत्रित किया था। अभयदास ने उस दौरान बायोसा मंदिर दर्शन की मांग करते हुए जालोर किले की घाटी में अवैध मजारें बनी होने की शिकायत की थी और इन मजारों की जांच की मांग उठाई थी, इसको लेकर बड़ा विवाद भी हुआ था। कई दिनों तक प्रदर्शन चला, लेकिन बाद में शांत हो गया। अब जोगेश्वर गर्ग ने फिर से सरकार से इन मजारों की जांच की मांग की है।

यह लिखा है पत्र में

जोगेश्वर गर्ग ने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी को पत्र लिखकर बताया कि जालोर के ऐतिहासिक किले तक जाने वाले रास्ते पर कुछ मजारें बनी हुई हैं। इनको लेकर अक्सर शिकायतें प्राप्त होती हैं कि ये मजारें अवैध तरीके से बाद में योजनापूर्वक बनाई गई हैं। मजार का अर्थ होता है कब्र जिसमें किसी व्यक्ति को दफनाया गया हो। अतः जनहित में यह जानकारी प्राप्त करना उपयुक्त रहेगा कि जालोर किले कि तलहटी से लेकर किले के मुख्य द्वार तक के रास्ते के दोनों तरफ जितनी भी मजारें वर्तमान में अवस्थित हैं उनके बारे में पुरातत्व विभाग जानकारी प्राप्त करके सार्वजनिक करे कि किस मजार में किसको और कब दफनाया गया था।

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उसके बाद ही यह निर्णय किया जा सकेगा कि कौनसी मजार वैध है और कौनसी अवैध। गर्ग ने उपमुख्यमंत्री से निवेदन किया कि वे अधिकारियों को निर्देशित करें कि उपरोक्त विषय में सही एवं तथ्यात्मक जानकारी शीघ्रातिशीघ्र प्राप्त कर उपलब्ध करावे।

अक्सर मजारों को लेकर होते रहे है विवाद

जालोर किले से तलहटी के बीच बनी मजारों को लेकर पूर्व में भी कुछ विवाद होते रहे हैं, हिन्दू संगठनों का आरोप रहा है कि पूर्व में बनी मजारों की आड़ में नई मजारें बनाकर अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में करीब तीन साल पहले एक विवाद में एक युवक को गिरफ्तार भी किया गया था।

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