गणपतसिंह मांडोली मामले में सर्वसमाज का महापड़ाव, जांच सीबीआई को सौंपने की मांग, क्रमिक अनशन पर हो रहा विचार

गणपतसिंह मांडोली मामले में सर्वसमाज का महापड़ाव, जांच सीबीआई को सौंपने की मांग, क्रमिक अनशन पर हो रहा विचार

जालोर. जिले के रामसीन थाना क्षेत्र के मांडोली में गणपतसिंह परमार की मौत के मामले का पर्दाफाश करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सर्वसमाज का महापड़ाव हुआ। इस दौरान अलग अलग स्थानों से आए वक्ताओं ने कहा कि एक 80 वर्षीय मां बेटे की मौत का खुलासा करने की मांग 14 दिन से भूखी बैठी है और पुलिस कुछ भी कार्यवाही नहीं कर पाई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कहा कि अगर आपसे मामले का खुलासा नहीं हो पाता है तो जांच सीबीआई को सौंपी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार ने कहा कि जब तक आरोपी नहीं पकड़े जाएंगे तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं वरिष्ठ समाजबंधुओं ने इसमें भूख हड़ताल की बजाय क्रमिक अनशन शुरू करने को लेकर परिजनों से चर्चा की है।

तीन संदिग्धों से सख्त पूछताछ की मांग

इस मामले में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें वरिष्ठ समाजबंधु व महिलाएं शामिल हुई। जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप केशवराव गवांडे को सौंपे ज्ञापन में गणपतसिंह की पत्नी भारती कंवर ने बताया कि 28 अगस्त 2024 को उनके पति गणपतसिंह पुत्र राणसिंह परमार की हत्या हुई थी परंतु 18 महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जिसको लेकर पीड़ित परिवार 27 फरवरी 2026 से भूख हड़ताल पर बैठा है। जिसमें मृतक गणपतसिंह की पत्नी भारती कंवर, उनकी 80 वर्षी मां हवा कंवर और उसका बेटा खुशवंत शामिल है।

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भूख हड़ताल पर बैठने के कारण इन तीनों की हालत दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। परंतु पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। पूर्व जांच अधिकारी द्वारा जिन तीन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की थी उनसे पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ नहीं की जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इतने दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठने के कारण पीड़ित परिवार के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है और उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। परंतु पीड़ित परिवार भी जब तक उनको न्याय नहीं मिलता, तब तक भूख हड़ताल से उठना नहीं चाहता। अतः भूख हड़ताल पर बैठने से अगर इस परिवार को कुछ होता है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

आईपीएस काम्बले व तेजुसिंह की रखी मांग 

ज्ञापन के जरिए कई मांग रखी गई। ज्ञापन में बताया कि गणपतसिंह हत्याकांड की सीबीआई को जांच दी जाए, क्योंकि इसमें कोई बड़ा व्यक्ति शामिल है, जिससे पुलिस दबाव में काम कर रही है। जिससे 18 माह बीत जाने के बाद भी अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। सीबीआई जांच के आदेश होने तक गणपतसिंह हत्याकांड की जांच तत्काल आईपीएस अधिकारी कुंबले को दी जाए एवं सहायक आधिकारी रूप से सीआई तेजूसिंह को लगाया जाए।

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मामले में जिन तीन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है उन्हें तत्काल रूप से गिरफ्तार कर उनसे सख्त से सख्त पूछताछ की जाए। गणपत सिंह हत्याकांड की प्रारंभिक जांच में लगे पुलिस अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही की है, उनमें से एक है एएसआई अमरसिंह, उनको जांच होने तक रामसीन थाने से हटाया जाए, जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, जिला मुख्यालय पर धरना चलता रहेगा।

महिला शक्ति ने सड़क पर किया प्रदर्शन

महापड़ाव के दौरान दोपहर को एक बार महिला शक्ति सड़क पर उतर गई और वाहनों को रुकवाकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। फिर पुलिस व समाजबंधुओं की समझाइश पर टेंट स्थल पर आकर बैठ गई। 

भाजपा नेता दिलीपसिंह ने नेताओं के नार्को टेस्ट की मांग की

शिवगंज के पूर्व प्रधान व सिरोही के जिला परिषद सदस्य भाजपा नेता दिलीपसिंह मांडाणी ने सम्बोधन के दौरान कहा कि अक्सर कई बार अपराध होने पर आरोपी किसी नेता को कॉल करता है। यहां जिनको संदिग्ध माना है उन्होंने भी किसी नेता को कॉल किये है, उन नेताओं के नार्को टेस्ट किये जाए, जिसमें भले मैं स्वयं क्यों न हूं, इससे स्पष्ट हो जाएगा कि कौन है आरोपी।

वक्ताओं ने पुलिस पर उठाए सवाल

महापड़ाव में कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग पर सवाल खड़े किए। कहा कि उनकी सरकार है, बुजुर्ग माँ भूखी बैठी है, न्याय दिलाने का भरोसा दिलाना चाहिए। इसी दौरान कांग्रेस नेता सवाराम पटेल, जिलाध्यक्ष रमीला मेघवाल, भंवरलाल मेघवाल, रामसिंह चारणीम, मंगलसिंह सिराणा, तेजुसिंह बालावत, चंदनसिंह कोराणा, भंवरसिंह थलुंडा, करणसिंह, राजवीरसिंह, रतनसिंह, रुपराज, छोटूसिंह रावणा, ईश्वरसिंह बालावत, रूपेंद्रसिंह सामुजा, जितेन्द्रसिंह समेत वक्ताओं ने सम्बोधित कर पुलिस से इस प्रकरण का पर्दाफाश करने की अपील की।

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इनका कहना है...

पूरे जिले में अभी हमारी प्रथम प्राथमिकता में गणपतसिंह का केस है। मैं स्वयं इसकी मोनिटरिंग कर रहा हूँ। जिन्हें संदिग्ध बताया उनसे भी पूछताछ कर ली। जब तक ठोस साक्ष्य नहीं मिल जाते तब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। मैं तो निवेदन करूंगा कि माताजी भूख हड़ताल समाप्त कर पुलिस पर भरोसा रखें, पुलिस साक्ष्य जुटाने के पूरे प्रयास कर रही है।

  • शैलेंद्रसिंह इंदौलिया, जिला पुलिस अधीक्षक, जालोर