तम्बाकू नियंत्रण अभियान: राजस्थान को मिला विश्व स्तरीय सम्मान
जालोर. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से वर्ष 2026 के वर्ल्ड नो टोबेको डे अवॉर्ड के तहत राजस्थान को तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में प्रथम सम्मान प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के तहत जालौर जिले में संचालित तम्बाकू नियंत्रण गतिविधियों एवं जनजागरूकता अभियानों को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि राज्य सरकार एवं चिकित्सा विभाग के निर्देशानुसार जिले में तम्बाकू नियंत्रण अभियान के तहत लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान एवं तम्बाकू उत्पादों के उपयोग को लेकर चालान कार्रवाई की गई तथा कोटपा अधिनियम की पालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में किए गए नवाचार एवं प्रभावी क्रियान्वयन के कारण राजस्थान को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है, जो चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ वीरेंद्र हमथानी ने बताया कि जिले के विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विभिन्न सरकारी संस्थानों में तम्बाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों एवं आमजन को तम्बाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं दुष्प्रभावों की जानकारी देकर तम्बाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जिले में तम्बाकू उपयोगकर्ता की सुची बनाकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर वैलनेस सेशन में जोड़ा जा रहा है और तम्बाकू परामर्श केन्द्र पर रैफर किया जा रहा है जिससे तम्बाकू का त्याग करने में सहायता मिल रही है।

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अभियान के दौरान रैलियों, शपथ कार्यक्रमों, पोस्टर प्रतियोगिताओं, एवं जनसंवाद गतिविधियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर जनजागरूकता फैलाई गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी आमजन तक तम्बाकू निषेध संदेश पहुंचाए गए।