प्राधिकरण के हस्तक्षेप से पीड़िता को ससुराल से पहुंचाया पीहर
- ससुराल में किया जा रहा था मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित
जालोर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अहसान अहसान के हस्तक्षेप से मंगलवार को एक पीडिता को उसके ससुराल से पीहर भिजवाया गया। पीडिता की मांग पर पुलिस सुरक्षा के बीच प्राधिकरण के सरकारी वाहन के माध्यम से बागोड़ा थाना पहुंचाया गया जहां से थाने की मदद से पीहर भेजा गया। जानकारी के अनुसार बागोडा थाना क्षेत्र के मोरसीम गांव की एक पीडिता ने सखी सन स्टाप सेंटर में उसके पति व अन्य द्वारा प्रताडित करने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा बताई कार्यवाही की मांग की थी। वन स्टॉप सेंटर की ओर से पीडिता की शिकायत पर काउंसलिंग के लिए टीम उसके ससुराल गई और काउंसलिंग की गई लेकिन ससुराल में पीड़िता ने खुलकर वार्तालाप नहीं की। जिस पर सखी सेंटर के निवेदन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर थाने को निर्देश देकर थाने के माध्यम से पीडिता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। मंगलवार को महिला पुलिस के माध्यम से पीडिता प्राधिकरण में पहुंची।

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प्राधिकरण कार्यालय में सचिव अहसान अहमद ने पीडिता से वार्ता कर उसकी परिवेदना सुनी। इस दौरान पीडिता ने बताया कि उसके पति सहित अन्य ससुराल वालों की ओर से मानसिक व शारीरिक रूप से यातना दी जा रही है। पीडिता ने अपने ससुराल नहीं जाने एवं पीहर भेजने की बात कही। लीगलएड डिफेंस काउंसिंल को निर्देश देकर काउंसलिंग करवाई गई। पीडिता ने पुलिस सुरक्षा में अपने पीहर माता के घर जाने की इच्छा जताई तथा सुरक्षा में उसके पीहर छोड़ने की बात कही। जिस पर प्राधिकरण के सचिव ने पीडिता को प्राधिकरण के सरकारी वाहन में पुलिस सुरक्षा के साथ बागोड़ा थाने में पहुंचाया गया जहां से पुलिस के साथ उसको उसको पीहर भेजा गया। कुछ दिन बाद प्राधिकरण मंे और काउंसलिंग की जाएगी।