दादाल में एक ट्रस्ट को आवंटित की गई जमीन का हो रहा विरोध, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

दादाल में एक ट्रस्ट को आवंटित की गई जमीन का हो रहा विरोध, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
  • जिला मुख्यालय पहुँच ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जालोर. जिले के सायला उपखंड क्षेत्र के दादाल के ग्रामीणों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर पहुँच कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दादाल गांव में प्रशासन द्वारा एक ट्रस्ट को आवंटित की गई जमीन के आवंटन को निरस्त करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि ग्राम दादाल तहसील सायला जिला जालोर के खसरा सं 2107 व 2121 किस्म बारामी प्रथम आयी हुई हैं जो पूर्व में सती माता मंदिर की गौचर भूमि थी। जिस पर कई वर्षों से पशुधन विचरण करते आ रहे हैं। उक्त खसरा सं. 2121 रकबा 0.90 हेक्टर भूमि में जी.एस.एस. (विद्युत ग्रेड) स्थित हैं।

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 उक्त खसरा सं 2107 व 2121 में चाचियार सती माताजी का मंदिर, रामदेवजी का मंदिर, एक बड़ा तालाब व खसरा सं. 2107 रकबा 1.00 हेक्टर हैं जिसमें छोटे-मोटे चार-पाँच तालाब, एक पुरानी बावडी बनी हुई हैं जिसका पुनर्निर्माण किया गया हैं जिसकी धार्मिक आस्था भी हैं। तथा तालाब में धार्मिक आयोजन जैसें गांव की औरतों का समंदर हिलोरने, कृष्ण व गणेश उत्सव पर मूर्ति विसर्जन गांव के सभी धर्मों के लोगों द्वारा किया जाता हैं। उक्त खसरा सं. 2107 व 2121 में ही ग्राम पंचायत की पौधशाला (नर्सरी) बनी हुई हैं। खसरा सं 2107 में पूर्व में नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट को 0.09 हेक्टर भूमि आवंटित हैं एवं पाइप लाइनें डली हुई है। उक्त खसरा सं 2107 व 2121 ग्राम पंचायत की सघन आबादी से लगते हुए हैं तथा इसमें वर्षा के पानी का बहाव क्षेत्र व भराव क्षेत्र हैं जिसका विवरण पटवारी व भूअभिलेख निरीक्षक द्वारा 12 फरवरी .2025 को बनाई मौका फर्द मय नजरी नक्शा से सारी स्थिती स्पष्ट हो जाती हैं जो मौका फर्द रिपोर्ट मैसर्स छत्रशान्ति इण्डस्ट्रीयल पार्क बैंगलुरु द्वारा आवंटन हेतु आवेदन करने पर बनाई गई हैं जिससे आवंटन हेतु उक्त भूमि खुली व खाली नहीं होने व वर्तमान स्थिती में मंदिर, तालाब, नर्सरी, लोगों के रहवास करीब 40-50 परिवार निवास करते हैं। कई लोगों के पास पट्टे भी हैं फिर भी गलत रुप से आवंटन उक्त सभी तथ्यों पर गौर किये बिना, बिना योजना, पंजीकरण व प्रोजेक्ट रिपोर्ट के किया गया हैं जो विधि विरुद्ध हैं। जिसे तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जावें।

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 मौका फर्द रिपोर्ट दिनांक 12.02.2025 के अनुसार उक्त खसरा सं 2107 व 2121 की भूमि में पानी का बहाव क्षेत्र व भराव क्षेत्र होना अंकित किया हैं जिससे सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अब्दुल रहमान बनाम सरकार में सिद्धांत प्रतिपादित किया गया हैं कि ऐसे क्षेत्र जिसमें प्राकृतिक पानी का बहाव क्षेत्र व भराव क्षेत्र हो तो उसे आवंटन नहीं की जा सकता है। उक्त खसरा सं 2107 व 2121 में सडक से लगती हुई भूमि में 40-50 परिवारों का रहवास हैं। रहवास हेतु कुछ मकान प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत भी बने हुए हैं जिस पर वर्तमान में लोगों का रहवास हैं। अब ऐसी जानकारी हुई हैं कि उक्त 40-50 परिवारों को उनके रहवासी मकानों से बेदखल कर उक्त भूमि को आवंटन करवाना चाहते हैं। ऐसी स्थिती में किसी भी परिवार को उक्त रहवास से बेदखल नहीं किया जावें। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर उक्त तथ्यों पर गौर करते हुए हुए फर्म को किया गया आवंटन निरस्त करने की मांग की है।