पाथेड़ी में गाजे-बाजे के साथ बिराजी चामुण्डा माता
- चामुण्डा माता व बाबा रामदेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की पूर्णाहुति
- फले चुंदड़ी कार्यक्रम में उमड़े हजारों की संख्या में श्रद्धालु
जालोर. जिले के सायला उपखण्ड के पाथेड़ी में नवनिर्मित श्रीचामुण्डा माता व बाबा रामदेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पूर्णाहुति समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर शुक्रवार को साधु-संतों के सान्निध्य में मंदिर के शिखर पर स्वर्ण कलश स्थापित करने, ध्वजा चढ़ाने और मूर्तियों को विराजमान करने समेत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर सवेरे से ही लाभार्थी परिवारों के गाजे-बाजे के साथ वरघोड़े के रूप में झूमते हुए सजधज कर प्रतिष्ठा स्थल पहुॅचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सवेरे साढे सात बजे तक पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भीड़ इतनी थी कि पैर रखने तक के लिए जगह कम पडने लगी थी। प्रतिष्ठा के साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए।

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इसके बाद शुभ मुहूर्त में पंडितों के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिष्ठा कार्यक्रम शुरू किया गया। सर्वप्रथम मंदिर के गर्भ गृह में चामुण्डा माता व बाबा रामदेव की मूर्ति को लाभार्थी परिवार द्वारा विराजमान किया गया। इसी तरह शिखर पर स्वर्ण कलश, अमर ध्वजा एवं अन्य देवी देवताओं को स्थापित करने की रस्म को पूर्ण किया गया। ज्यों ही मूर्तियों की स्थापना की गई तथा ध्वजारोहण किया गया। श्रद्धालुओं ने चामुण्डा माता व बाबा रामदेव के जयघोष लगाने शुरू किए। वहीं बैंडबाजों की सुमधुर स्वर लहरियों पर युवक-युवतियां झूमने लगे। जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। प्रतिष्ठा के बाद विभिन्न चढ़ावों के लाभार्थी परिवारों द्वारा पूजा अर्चना व अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इस दौरान साधु-संतों तथा असपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
फले चुंदड़ी में उमड़ा आस्था का ज्वार
नवनिर्मित चातुण्डा माता व बाबा रामदेव मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा के तहत शुक्रवार को समस्त ग्रामवासियों की ओर से फले चुंदड़ी का आयोजन किया गया। जिसमें पाथेड़ी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया तथा प्रसादी ग्रहण की।
हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा आकर्षण की केंद्र रही। मंदिर के शिखर पर लाभार्थी परिवारों द्वारा स्वर्ण कलश स्थापित करने तथा ध्वजा चढ़ाते ही हैलीकॉप्टर से चढ़ावे के लाभार्थी परिवार ने पुष्प वर्षा की। हैलीकॉप्टर ने पूरे गांव के चारों तरफ परिक्रमा की।