वाटर शेड के बकाया भुगतान को लेकर धरना जारी, चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं दो ठेकेदार

वाटर शेड के बकाया भुगतान को लेकर धरना जारी, चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं दो ठेकेदार

जालोर. जालोर कलेक्ट्रेट के बाहर वाटर शेड के बकाया भुगतान व अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को भी ठेकेदारों का धरना जारी रहा। इनमें दो ठेकेदार चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। समय पर सुनवाई नहीं करने पर ठेकेदारों ने परिवार सहित धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।

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सोमवार को जिला कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि वॉटर शेड का कार्य पंचायत समिति चितलवाना के अधीन एक साल पूर्व काम जिन-जिन ठेकेदारो को दिया हुआ था वो पूर्ण हो चुका है, उसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया।ठेकेदार अधीक्षण अभियंता लक्ष्मणसिंह सांदु से कई बार मिले व बिल पेश कर निवेदन किया उसके बावजूद भी भुगतान नहीं हो रहा है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि अभियंता लक्ष्मणसिंह सांदु के पास पिछले दो साल से अतिरिक्त चार्ज है। उन पर ठेकेदारों ने कमीशन मांगने के आरोप भी लगाए। ठेकेदारों ने बकाया भुगतान जल्दी करवाने व एसई सांदू को पद से हटाने की मांग की है। इस दौरान केशाराम, चंपालाल, सुखराम, सुरेश कुमार, कमलेश कुमार, चतराराम, सोमलाल, रमेशकुमार, विशनाराम, रामजीवन, चुन्नीलाल, तेजाराम, पूनमाराम, मुकेश कुमार समेत ठेकेदार साथी धरने पर बैठे है।

दो ठेकेदार भूख हड़ताल पर

वाटर शेड के ठेकेदारों ने विभिन्न मांगों को लेकर 4 जून से कलेक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू किया था। वहीं 5 जून से यहां धरने पर बैठे ठेकेदारों में से दो सुखराम धूण व विष्णु माली ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। 5 जून को वाटर शेड के अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता जोधपुर ने भी धरना स्थल पर आकर ठेकेदारों से चर्चा की थी, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। जिस कारण धरना व दोनों ठेकेदारों की भूख हड़ताल जारी है। साथ ही ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि अगर सुनवाई नहीं हुई तो परिवार व कार्य के मजदूर भी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

इनका कहना है...

जान बूझकर एसई सांदू ने भुगतान रोका है। हम चक्कर लगाकर परेशान हो चुके है। इसलिए धरना करना पड़ रहा है। जब तक बकाया भुगतान व अधीक्षण अभियंता को हटाने की कार्यवाही नहीं की जाएगी, तब तक धरना व भूख हड़ताल जारी रहेगी।

-सुखराम धूण, ठेकेदार

ठेकेदार मुझ पर बेवजह आरोप लगा रहे हैं। कार्य के दौरान एमबी में हस्ताक्षर नहीं करवाये थे, उस कारण ऑब्जेक्शन लगा था, उच्च स्तर से भुगतान रोका हुआ है। अब उसे सुधारने की प्रक्रिया में समय तो लगेगा।

- लक्ष्मणसिंह सांदू, अधीक्षण अभियंता, जिला परिषद (वाटर शेड), जालोर