जिले में लू-तापघात से बचाव के लिए पुख्ता प्रबन्ध किए - सीएमएचओ

जिले में लू-तापघात से बचाव के लिए पुख्ता प्रबन्ध किए - सीएमएचओ

जालोर. हीटवेव लू-तापघात से बचाव को लेकर पुख्ता प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। जालोर सीएमएचओ डॉ भैराराम जाणी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता कर इस बारे में जानकारी दी।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ भैराराम जाणी ने बताया कि जालौर जिले के  जिला अस्पताल व सीएचसी में कम से कम 10 से 3 बेड एवं पीएचसी स्तर पर एक बेड केवल हीट स्ट्रोक के लिए आरक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि हिट इलनेस किट जैसे बर्फ के पैक, ठंडे पानी की पटियां विशेष इन ड्रिप इत्यादि उपलब्ध कराए गए हैं। आउटडोर काउंटर वेटिंग एरिया में शेड कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर हीटवेव रोगियों हेतु अलग से 108 एंबुलेंस सीमित की गई है। साथ ही एंबुलेंस में आइस बॉक्स की पैक इत्यादि की व्यवस्था की गई है।

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उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीज और उनके परिजनों के लिए ठंडा पेयजल की व्यवस्था करवाई गई है सभी चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ को हिट रिलेटेड बीमारियों के लिए प्रोटोकॉल का भी ज्ञान दिया गया है।  साथ ही बच्चों और पालतू जानवरों को भी कभी भी बंद वाहनों में या सीधी धूप में लंबे समय तक नहीं रखने की अपील की गई है।

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सीएमएचओ ने आरोपों को सिरे से नकारा

सीएमएचओ डॉ भैराराम जाणी ने बताया कि इन दिनों सीएमएचओ कार्यालय जालौर के संबंध में सोशल मीडिया पर घोटाला करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो निराधार है। इन आरोपों को सीएमएचओ ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय द्वारा जैम निविदा के माध्यम से उपापन की सामग्री एवं बिल की प्रति 31 मार्च 2025 को भंडार में प्राप्त हो गई थी चूंकि वित्त वर्ष समाप्ति के अंतिम दिवस होने के कारण प्राप्त अधिक परिणाम में प्राप्त सामग्री अनुसार इंद्राज करने के पश्चात प्राप्त सामग्री जो कि अधिक परिणाम में थी उसका निरीक्षण व मिलान किया गया, बिल में अंकित सामग्री एवं भौतिक रूप से प्राप्त सामग्री के मिलान करने पर भंडार पेज संख्या 137, 157 व 175 पर अंकित सामग्री के नहीं पाए जाने पर तुरंत भंडार पंजीका में प्राप्त सामग्री जो कि संवेदक द्वारा 31 मार्च 2025 को प्रस्तुत बिल के साथ आपूर्ति की गई थी वो एक्सपायरी डेट 11/ 2025 होने से लौटाई गई। उसके पश्चात संवेदक द्वारा अन्य बिल के माध्यम से मई 2025 में निर्मित एचसीजी (प्रग्नेंसी) टेस्ट स्ट्रिप की आपूर्ति होने से शस्ति लगई जाकर भुगतान किया गया था।