सशक्त निगरानी से टीकाकरण में सफलता, जालोर अग्रणी जिलों में शामिल - सीएमएचओ डॉ. भैराराम जाणी
जालोर .जिला जालोर के स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है। सुदृढ़ योजना, सतत निगरानी एवं जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप जिले में लगातार पिछले तीन महीनों से फुल इम्यूनाइजेशन कवरेज 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप केशवराव गावंडे के निर्देशन में जिले में टीकाकरण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए सशक्त योजना, सतत निगरानी और फील्ड स्तर पर कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है। यूविन पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग, छूटे बच्चों की पहचान एवं त्वरित फॉलो-अप से जिले में पिछले तीन महीनों से फुल इम्यूनाइजेशन कवरेज 90 प्रतिशत से अधिक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य कार्मिकों के समन्वित प्रयासों से जालोर जिला टीकाकरण प्रदर्शन में राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हुआ है।

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उन्होने बताया कि टीकाकरण को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सीएचसी एवं पीएचसी के सहयोग से विस्तृत माइक्रोप्लानिंग की गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के तकनीकी सहयोग से प्रत्येक ढाणी एवं टोले को माइक्रोप्लान का हिस्सा बनाया गया। हाई-रिस्क व छूटे हुए क्षेत्रों की पहचान कर दूरस्थ बस्तियों पर विशेष फोकस रखा गया, जिससे कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे।

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सीएमएचओ डॉ. जाणी ने बताया कि सतत निगरानी, नियमित फील्ड विजिट, समयबद्ध समीक्षा एवं टीमवर्क के चलते स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ, समस्याओं का समय पर समाधान हुआ और जालोर जिला टीकाकरण प्रदर्शन में राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।
एमआर-1 एवं एमआर-2 कवरेज में राज्य में बेहतर प्रदर्शन
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार बाजिया ने बताया कि राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार जालोर जिले में एमआर-1 और एमआर-2 कवरेज के बीच अंतर न्यूनतम दर्ज किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बच्चों को न केवल पहली खुराक समय पर दी जा रही है, बल्कि दूसरी खुराक के लिए प्रभावी फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जा रहा है। यह उपलब्धि मजबूत सर्विलांस एवं निरंतर निगरानी से संभव हो सकी है।
यूविन पोर्टल से सुदृढ़ ट्रैकिंग व्यवस्था
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा यूविन पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग को प्रभावी रूप से लागू किया गया। इसके परिणामस्वरूप जिले में कुल 336 में से 336 टीकाकरण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए गए एक भी सत्र निरस्त नहीं हुआ। प्रति सत्र औसतन 6.9 लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया, यह उपलब्धि सटीक सत्र योजना, अद्यतन ड्यू-लिस्ट एवं बेहतर लाभार्थी मोबिलाइजेशन का परिणाम है।
नवनियुक्त स्टाफ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
आरसीएचओ डॉ. बाजिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवनियुक्त चिकित्साधिकारी एवं एएनएम को टीकाकरण कार्यक्रम, यूविन पोर्टल के उपयोग, सत्र प्रबंधन एवं एईएफआई रिपोर्टिंग पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित कर संवेदीकरण किया गया। साथ ही सहयोगी संस्थाएं डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, जेएसआई के प्रतिनिधि एवं स्टाफ के सहयोग से फील्ड स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता एवं कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।