राजपूत समाज के विभिन्न वर्गों से सैकड़ों प्रबुद्धजन रहे उपस्थित

राजपूत समाज के विभिन्न वर्गों से सैकड़ों प्रबुद्धजन रहे उपस्थित
  • क्षत्रिय युवक संघ के आनुषंगिक संगठन क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का दो दिवसीय अचीवर्स स्नेह मिलन

जालोर. जालोर के सुंधा माताजी तलहटी के एक समाज भवन में राजपूत समाज के विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे अचीवर्स प्रबुद्ध जनों की दो दिवसीय चिंतन बैठक का आयोजन हुआ। केंद्रीय कार्यकारी रेवंतसिंह पाटोदा और पूर्व विधायक रानीवाड़ा नारायणसिंह देवल की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में जिले भर से आए प्रतिनिधियों ने गहन विचार विमर्श कर आगामी कार्य योजना तय की।

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संस्थापक तनसिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन से प्रारंभ हुए दो दिवसीय कार्यक्रम में समाज के व्यापारी, अधिकारी, कर्मचारी और राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रबुद्ध समाज बंधुओ ने भाग लिया। मंगलाचरण और प्रार्थना से प्रारंभ कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में पंचायती राज चुनाव, विशेष कार्य करने वाले समाज बंधुओ का मिलन, प्रतियोगी परीक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, आर्थिक रूप से आरक्षण व सरलीकरण, ग्राम जागरूकता चौपाल, युवा शिविर, विन कॉमपेट टेस्ट सीरीज, व्यापारी और कर्मचारी स्नेह मिलन, सामाजिक मुद्दों पर लोकतंत्रात्मक प्रणाली से कार्य, सामाजिक सरोकार और पंचायती राज चुनाव में ईडब्ल्यूएस आधारित आरक्षण सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर योजना बनाई गई।

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    विचार मंथन और सामाजिक चिंतन के दौरान रात्रि विश्राम से पूर्व चले सत्र में राजनीतिक क्षेत्र में कार्य कर रहे मुख्य लोगों का प्रताप फाउंडेशन के निर्देशन में जिला स्तर और उसके बाद पंचायत समिति स्तर पर एक दिवसीय शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही वीरमदेव और हीरादे के बलिदान दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

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          फाउंडेशन के जिला प्रभारी गणपतसिंह भवरानी ने बताया कि दो दिवसीय विचार मंथन के दौरान संभाग प्रमुख अर्जुनसिंह देलदरी, दीपसिंह धनानी, हिंदूसिंह दूठवा, सुमेरसिंह धानपुर, राजवीरसिंह नौसरा, विक्रमसिंह रातडी, दलपतसिंह उचमत, महेंद्रपालसिंह चेकला, दौलतसिंह कलापुरा, चंद्रवीरसिंह रामसीन, छैलसिंह उचमत, नीरजकुमारी, दीपसिंह कागमाला, फूलसिंह जाखडी, गुमानसिंह सेखाला, खुशबीरसिंह चांदूर,भेरूपाल सिंह दासपा, दशरथसिंह भांडवपुर, महीपालसिंह अचलपुर, लक्ष्मणसिंह रतनपुर,दीपसिंह दूधवा, दलपतसिंह तूरा, गोपालसिंह सिलासन, वीरबहादुरसिंह रानीवाड़ा, रूपेंद्रसिंह सामूजा, गिरधरसिंह आकोली, उगामसिंह कोलर, डूंगरसिंह कारोला, पुष्पेंदसिंह डोरडा, ईश्वरसिंह संगाना, बहादुरसिंह परावा, देवीसिंह राजीकावास, राजेंद्रसिंह मांडोली, जनकसिंह जेरण, जनकपालसिंह सांपनी, उम्मेदसिंह ऊण, जितेंद्रसिंह जाखड़ी, जसवंतसिंह बावतरा सहित सैकड़ों की संख्या में राजपूत समाज के राजनेता, व्यापारी, अधिकारी और कर्मचारी प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।