आत्म चिंतन कर अपराध की दुनिया से बाहर निकलने का प्रयास करें
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा निर्देश
जालोर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर ने बुधवार को राजकीय सम्प्रेषण एवं किशोर गृह, वात्सल्य केयर होम जालोर व सखी सेंटर का निरीक्षण किया। राजकीय सम्प्रेषण गृह मंे विधि से संघर्षरत बालकों को कहा कि आत्म चिंतन कर अपराध की दुनिया से बाहर निकलकर समाज में अच्छे नागरिक बनने का प्रत्यत्न करें। इस दौरान उन्होंने बालकों से संबंधित प्रकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लंबित चल रहे प्रकरणों के स्टेज के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने निशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी दी। प्रकरणों में अपील, जमानत पेश करने के बारे में भी जानकारी ली। बालकों से यहां मिलने वाले भोजन सहित अन्य सुविधाओं की भी जानकारी ली। अधीक्षक मौर कंवर ने सचिव को समय समय पर की जाने वाली कांउसलिंग, बालकों की दिनचर्या आदि के बारे में जानकारी दी। इसी प्रकार उन्होंने नर्मदा कॉलोनी स्थित वात्सल्य केयर होम के निरीक्षण के दौरान बालकों के शयन कक्ष, मेडिकल स्टोर रूम, रसोई घर आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित बालकों से वार्तालाप कर प्रतिदिन आयोजित गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने बालकों का शैक्षणिक स्तर भी जांचा और प्रतिदिन नियमित रूप से पढ़ाई करने तथा मेहनत कर आगे बढ़ने की सीख दी। अधीक्षक खीवसिंह ने बालकों की प्रतिदिन दिनचर्या एवं दवाई देने के समय के बारे में बताया। इस दौरान सचिव ने कहा कि बालकों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध करवाने में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। इसी प्रकार उन्होंने राजकीय अस्पताल मंे संचालित सखी सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली और निर्देश दिए कि यहां आने वाली प्रत्येक पीडिता को नियमानुसार सुविधा उपलब्ध करवाई जावे।