आहोर में दो पक्षों के विवाद ने पकड़ा तूल, निष्पक्ष जांच की रखी मांग
जालोर. आहोर कस्बे में 16 जून को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को एक पक्ष ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया था, वहीं दूसरी ओर दूसरे पक्ष ने भी पुलिस थाना आहोर में दर्ज एक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार को दूसरे पक्ष के लोग सभा भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद वे पुलिस थाना आहोर पहुंचे और वहां से रैली के रूप में उपखंड कार्यालय तक पहुंचे। इस दौरान लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अपनी बात रखी। उपखंड कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पुलिस थाना आहोर में दर्ज सीआर संख्या 114/2026 की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 16 जून को सुरेश्वर कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में वाहन टक्कर के बाद हुए विवाद को लेकर एक पक्ष द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट वास्तविक घटनाक्रम से भिन्न है। ज्ञापन में कहा गया कि घटना के दौरान कथित रूप से कुछ लोगों ने कार्यालय में घुसकर मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ की थी, जिसकी रिपोर्ट भी पुलिस थाना आहोर में दर्ज करवाई गई है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों द्वारा मामले को राजनीतिक और सामाजिक रंग देकर निर्दोष व्यक्तियों को प्रकरण में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
गौरतलब है कि विवाद के बाद 17 जून को नगरवासियों ने बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपितों की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती तथा कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में दोनों पक्षों द्वारा परस्पर शिकायतें दर्ज करवाई हुई है। एक पक्ष ने वाहन टक्कर के बाद मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने कार्यालय में घुसकर हमला करने और वाहन तोड़फोड़ की शिकायत दर्ज करवाई है।
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच जारी है। घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल मामले को लेकर कस्बे में चर्चा का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन और पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।