हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से लेटा में 175 ग्रामीणों के किए गए डिजिटल एक्स-रे
जालोर. ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने तथा टीबी रोग की समय पर पहचान के उद्देश्य से सामुदायिक सभा भवन लेटा में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ भैराराम जाणी ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत हैंडहेल्ड डिजिटल पोर्टेबल एक्स-रे मशीन प्राप्त हुई है, जिससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ही टीबी रोग की त्वरित एवं सटीक जांच संभव हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि हैंडहेल्ड डिजिटल पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से टीबी रोग की समय पर पहचान कर मरीजों को शीघ्र उपचार से जोड़ा जा रहा है, जिससे टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में जिले के अन्य ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी इस मशीन के माध्यम से नियमित रूप से जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ असीम परिहार ने बताया शिविर के दौरान सभा भवन परिसर में ही आधुनिक हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की सहायता से कुल 175 ग्रामीणों के डिजिटल एक्स-रे किए गए। इन डिजिटल एक्स-रे के माध्यम से टीबी रोग के संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई, जिससे उन्हें शीघ्र उपचार एवं आगे की जांच के लिए स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जा सके।
उन्होंने बताया कि टीबी एक गंभीर किंतु पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच एवं नियमित उपचार से रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। शिविर में जिन व्यक्तियों में टीबी के लक्षण अथवा संदिग्ध स्थिति पाई गई, उन्हें पुष्टि जांच एवं उपचार हेतु संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में रेफर किया गया। शिविर में बीएचएस श्रवण कुमार ने ग्रामीणों को टीबी रोग के लक्षण, बचाव के उपाय, नियमित दवा सेवन एवं जांच पूर्ण करने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

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इस दौरान एआरजी मनीष सैनी, सीएचओ संजीव कुमार, एएनएम पंकु कुमारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कांता गर्ग, आंगनवाड़ी सहायिका सोनी देवी, आशा सहयोगिनी मंजू देवी समेत कई ग्रामवासी उपस्थित रहे।