पांचवे प्रयास में डिम्पल चौहान बनी आईएएस, 131 रैंक पर हुआ चयन
दिलीप डूडी, जालोर. संघ लोक सेवा आयोग की ओर से शुक्रवार को जारी हुए सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में डिम्पल चौहान का 131 वीं रैंक पर चयन हुआ है। डिम्पल के पिता डॉ रमेश चौहान जालोर में चिकित्सा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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मूल रूप से बीकानेर के रहने वाले चौहान अपनी सरकारी सेवा के बाद से ही 1990 से जालोर में रह रहे हैं। जालोर में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। चौहान ने बताया कि उनकी बेटी डिम्पल की पढ़ाई 8 वीं तक जालोर में ही हुई। उसके बाद दसवीं उदयपुर व 12 वीं कोटा से की। शुरू से ही होनहार डिम्पल ने गुहावाटी से आईआईटी पास की। उसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा के चलते वे तैयारी करती रही।डिम्पल के पिता डॉ चौहान ने बताया घर में पढ़ाई का माहौल देख डिम्पल ने आईएएस बनने की ठानी, लेकिन वह प्रॉपर आईएएस नहीं बन पाई।
दिल्ली में है असिस्टेंट कमिश्नर
डॉ चौहान ने डीडीटी न्यूज को बताया कि सरकारी सेवा के चलते वे पैंतीस साल से जालोर में ही रह रहे हैं। बेटी ने आईएएस बनने की ठानी, इसलिए उसने तैयारी शुरू की, लेकिन अच्छी रैंक नहीं मिल पा रही थी। पिछली बार करीब 800 वीं रैंक के चलते वो अभी दिल्ली में केंद्रीय ट्रेड एन्ड टैक्स निधि में सहायक आयुक्त पद पर कार्यरत है।

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इस बार डिम्पल का पांचवा प्रयास था, इस बार 131 वीं रैंक के साथ डिम्पल प्रॉपर आईएएस में चयनित होने में सफल हुई है। डॉ चौहान ने कहा कि बेटियां प्रशासनिक सेवा की मुख्य धारा में आएंगी, उतनी ही समाज में मजबूती मिलेगी।