वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पा रहे जालोर कांग्रेस के "बेबी बॉस" वैभव गहलोत, कैसे पार कर पाएंगे 2029 में उम्मीदों की नैया !

Dileep Dudi
Dileep Dudi Official | Verified Expert • 01 Aug, 2026 Chief Editor
Jun 3, 2026 • 5:36 PM  0
राजनीति
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वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पा रहे जालोर कांग्रेस के "बेबी बॉस" वैभव गहलोत, कैसे पार कर पाएंगे 2029 में उम्मीदों की नैया !
“वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पा रहे जालोर कांग्रेस के "बेबी बॉस" वैभव गहलोत, कैसे पार कर पाएंगे 2029 में उम्मीदों की नैया !”
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3 Jun 2026
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वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पा रहे जालोर कांग्रेस के "बेबी बॉस" वैभव गहलोत, कैसे पार कर पाएंगे 2029 में उम्मीदों की नैया !
  • कांग्रेस के सांसद प्रत्याशी रहे वैभव गहलोत हारने के बाद संसदीय क्षेत्र जालोर को भूले

जालोर. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस ने जालोर संसदीय क्षेत्र की सीट पर प्रत्याशी के रूप में वैभव गहलोत का नाम घोषित किया, तब एकबारगी कांग्रेस पार्टी में उत्साह का माहौल बन गया था।

दावे किए गए कि शिक्षित नौजवान और पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा होने के कारण जालोर की जनता को बड़ी सौगात मिलेगी और सुख दुख में सदैव साथ रहेंगे, लेकिन 4 जून 2024 को परिणाम आया तो हार मिली, उसके बावजूद वैभव गहलोत ने मीडिया के सामने कहा कि जीत की उम्मीद थी, लेकिन हारने से हम निराश नहीं होंगे, हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है, जनता के बीच रहकर सदैव उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। अब उन बातों को पूरे दो वर्ष होने को आए है, लेकिन बड़े बड़े दावे करने वाले वैभव गहलोत वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पाए हैं, जालोर में जब जब जनता को जरूरत पड़ी तब वैभव मौजूद नहीं दिखे। इतना जरूर है कि पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा होने के नाते उनके कुछ समर्थक उन्हें "बेबी बॉस" के रूप में कार्यक्रमों के पोस्टर्स पर जगह अवश्य दे देते हैं।

वैभव शामिल होते तो कार्यकर्ता होते उत्साहित

राज्य सरकार ने सांचौर को जिला निरस्त कर दिया, इसको लेकर पूर्व विधायक सुखराम विश्नोई ने लम्बा धरना दिया, लेकिन इसमें वैभव गहलोत का खास सहयोग नहीं मिला। इसी प्रकार पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर कई जगहों पर लोगों में नाराजगी, लेकिन वैभव गहलोत का सहयोग नहीं मिला।

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गांवों में पीने का पानी पर्याप्त नहीं मिल रहा है, लेकिन वैभव गहलोत ने लोगों की सुध तक नहीं ली। हाल ही में भीनमाल में एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया, मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, लेकिन करीब दस दिन बाद भी वैभव गहलोत ने इस घटना की जानकारी नहीं ली। ऐसे कई घटनाक्रम है जहां वैभव गहलोत की उपस्थिति से विपक्ष को मजबूती मिलती, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी रही।

क्या मिला होगा राहुल गांधी को जवाब

हाल ही में संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान में जिलाध्यक्षों से मुलाकात की और क्षेत्र का फीडबैक लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने जालोर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमीला मेघवाल से भी जालोर संसदीय क्षेत्र से लगातार कांग्रेस हारने के कारण जानने की कोशिश की थी, वहां रमीला मेघवाल ने क्या जवाब दिया होगा वो वे ही जान सकती है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि हालात यही रहे तो कांग्रेस के मुकाबले को लेकर संशय जारी रह सकता है।

वीआईपी कल्चर से नहीं पा रहे बाहर

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2024 में बेटे वैभव गहलोत को जिताने के लिए न जाने कितने समझौते किए, उसके बावजूद वो हार गए, लेकिन कांग्रेस के लिए अब तक सबसे ज्यादा वोट हासिल करने में कामयाब रहे। सांसद लुम्बाराम चौधरी को विभिन्न मामलों में वैभव के पास घेरने का मौका भी आया, लेकिन वे भुना नहीं पाए। जिस प्रकार अशोक गहलोत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री काल के दौरान सचिन पायलट के लिए रगड़ाई शब्द का इस्तेमाल किया था, वैसी रगड़ाई से अभी तक वैभव बचे हुए हैं। अब देखना होगा कि वैभव गहलोत संसदीय क्षेत्र में सक्रिय होकर 2029 की तैयारी करेंगे या फिर नए चेहरे के लिए मैदान से किनारा करेंगे।

Dileep Dudi Official | Verified Expert • 01 Aug, 2026 Chief Editor

DileepSingh Dudi is a professional journalist. Originally a resident of Undu (Barmer), Dileep Dudi graduated from Jai Narayan Vyas University, Jodhpur in 2007 and then completed a one-year PG Diploma in TV Journalism from IASE University Sardarshahar Churu ( Institute Of media management, Bikaner) . He then began his journalism career at Rajasthan Patrika's Sirohi office in October 2008. During this time, Dudi established a Reputation for himself by covering issues such as crime, agriculture, politics, and other public issues. In July 2015, the Rajasthan Patrika organization promoted Dudi to the position of Bureau Chief at Jalore Patrika. He subsequently served as Sub Editor and Desk Incharge of the Pali edition. After this, Dileep Dudi resigned from Rajasthan Patrika and worked as Bureau Chief at Dainik Bhaskar Jalore from 2017 to 2019. In 2020, Dileep Dudi launched his own Digital platform, DDT SERVICES Jalore, which currently operates the www.ddthindi.com and www.ddtnews.in news portal, of which Dileep Dudi is the editor. He also works as a part-time correspondent with organizations such as the news agency ANI, online portal Navbharat Times, Dainik Dhola Maru, Niharika Times, and Jaipur Times.

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