न शिक्षा पर, न स्वास्थ्य पर और न ही पंसेरी के पर्यटन पर बात की, केवल सफलताओं की कहानियां सुनकर लौटे मुख्यमंत्री भजनलाल

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  • जसवंतपुरा के पंसेरी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ग्राम विकास चौपाल का आयोजन

दिलीप डूडी, जालोर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जालोर जिले के जसवंतपुरा उपखण्ड क्षेत्र के पंसेरी गांव में बुधवार शाम को आयोजित ग्राम विकास चौपाल में भाग लिया। यहां बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित हुए।

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मुख्यमंत्री के यहां आने पर लोगों को बड़ी उम्मीद जगी थी कि कोई खास योजना या राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने लोगों से न तो शिक्षा पर बात की और न ही स्वास्थ्य सेवाओं पर, केवल तयशुदा लोगों से उनकी सफलताएं सुनी और सादगीपूर्ण जीवन जीने का तरीका अपनाते हुए गुरुवार को सुंधा माता मंदिर में दर्शन कर प्रस्थान कर गए।

सभी विधानसभा क्षेत्रों में आने का करवाया जाहिर

राजस्थान में भाजपा सरकार के गठन को करीब ढाई साल बीत गए हैं, इस अवधि में पूर्व के समय में कोई मुख्यमंत्री जालोर जिले में पांच बार नहीं आया, लेकिन भजनलाल इस अवधि में जालोर जिले में पांच बार आये और पांचों बार अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में आगमन हुआ, इस बात को मुख्यमंत्री भजनलाल ने ग्राम विकास चौपाल में जाहिर भी करवाया। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जब चौपाल में स्वागत उद्बोधन दिया तब जनता के सामने इस बात पर प्रमुखता से जोर दिया कि ये पहले मुख्यमंत्री है जो जालोर जिले में पांचवीं बार आए है, लेकिन जिले या सम्बंधित स्थान को सौगात क्या दी इस बारे में गर्ग भी नहीं बोल पाए थे।

एएनएम व पटवारी बनने की सफलता पर गदगद हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शाम को चौपाल में महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने राजीविका से जुड़कर सशक्त होने की बात बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की। वहीं कुछ ने मेहनत कर एएनएम व पटवारी बनने में सफलता पाने की कहानी बताई तो सीएम गदगद हो उठे। उन्होंने महिलाओं की तारीफ करते हुए कहा कि महिलाएं दौहरी जिम्मेदारी भी निभाती है।

लिखे हुए नाम पढ़कर सफलता की कहानियां सुनी

महिलाओं से संवाद के बाद किसान पुरुषों से संवाद किया। यहां रजिस्टर में पहले से ही लिखे हुए नाम पढ़कर मुख्यमंत्री ने किसानों से सफलता की कहानी सुनी, किसी ने बताया कि पॉली हाउस लगाकर खीरा से बड़ी आमदनी कर रहे है तो किसी ने तारबंदी में मिली सब्सिडी को बड़ी राहत बताया, किसी ने देशी खाद बनाकर खेत में उपयोग करने की सफलता बताई तो किसी ने दूध के व्यापार से आर्थिक मजबूत होने की सफलता बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध पर प्रति लीटर सरकार 5 रुपए अनुदान दे रही है, यह भी बड़ी राहत है, इस पर पीछे भीड़ में एक युवक ने जोर से कहा कि ये 5 रुपए तो अशोक गहलोत सरकार करके गई थी आप बढ़ाकर 10 रुपए कर दो, यह सुनकर मुख्यमंत्री चुप हो गए।

ज्ञापन देने वालों की लगी कतार

मुख्यमंत्री भजनलाल ने शाम को चौपाल में स्पष्ट कहा कि मैं भाषण देने नहीं आया हूँ, आपकी सफलता सुनने आया हूँ। इस दौरान एक व्यक्ति अपनी पीड़ा का ज्ञापन देने को उतावला दिखा तो मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर को सभी के ज्ञापन लेने के निर्देश दिए, इस पर ज्ञापन देने वालों ने प्रतियां लहराई और कहा कि जब कलक्टर को देना ही है तो हम तो पहले ही दे देते। ज्ञापन देने के दौरान कुछ अव्यवस्था भी हुई।

जनता के बीच कोई सौगात नहीं दे पाए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा  चौपाल जनता के बीच कोई ऐसी सौगात नहीं दे पाए जो यादगार बन सके। वे केवल लिखे हुए नाम पढ़कर आपसी संवाद ही कर पाए। उन्होंने न तो ग्रामीणों से शिक्षा की स्थिति के बारे में पूछा और न ही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली।

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इतना जरूर कहा कि जीरा खूब होता है यहां प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के प्रयास हो रहे हैं। जबकि इससे पहले हेलीपेड पर यहां रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन देकर मुख्य मांगे रखी थी, उनमें से एक भी मांग जनता के बीच मुख्यमंत्री पूरी करते तो एक नजीर बनती। विधायक रतन देवासी ने विधानसभा क्षेत्र  में पेयजल व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, जल जीवन मिशन (डीआर व ईआर) प्रोजेक्ट के अंतर्गत हुए कार्यों में शीघ्र पानी सप्लाई शुरू करवाने की मांग की।साथ ही सुंधा माता (जसवंतपुरा) में विकास कार्य, धार्मिक सर्किट बनाने के साथ भालू सफारी शुरू करने की मांग, इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति के बाहुल्य गांवों को टीएसपी से जोड़ने की मांग रखी थी।

इसी प्रकार नर्मदा नहर के ओवरफ्लो की कोई योजना बनाकर पंचायत समिति रानीवाड़ा, सरनाऊ व जसवंतपुरा के डेम, तालाब आदि जलस्रोत में डालने की मांग रखी। इसी प्रकार रेवदर (सिरोही) से भीनमाल-रामसीन रोड कागमाला चौराहा तक वाया जसवंतपूरा, राजपुरा से मालवाड़ा तक व जसवंतपुरा से रामसीन तक मेगा हाइवे के रूप जोड़ने की भी मांग की, लेकिन इन विषयों पर मुख्यमंत्री जनता के बीच कुछ बोले नहीं। इतना ही नहीं एक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग रखी कि पंसेरी में सरकारी स्कूल में तीन सौ से अधिक बेटियां पढ़ रही है, बेटियों के लिए एक अलग से स्कूल की घोषणा कर दीजिए, लेकिन मुख्यमंत्री ने केवल इस बात को नोट ही किया।

पत्रकारों संग की अनौपचारिक बातचीत

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जालोर के स्थानीय पत्रकारों संग अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान कुछ पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के गांव चौपाल के नवाचार की सराहना की तो मुख्यमंत्री खुश हुए और बोले कि ये हमारा कर्तव्य है, लेकिन जब कुछ पत्रकारों ने पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता, विद्युत लोड जैसी समस्याएं बताई तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बुलाकर सुधारने की बात कही। वहीं जालोर में मेडिकल कॉलेज की कमी, निकाय संस्थाओं में आमजन को परेशानी होने, जमीनों की खरीद फरोख्त में फर्जीवाड़ा होने, चिकित्सालयों ने नहीं विशेषज्ञ होने जैसे मामलों पर बात की तो मुख्यमंत्री ने मामलों को देखने की बात कही। हालांकि मुख्यमंत्री ने इतना जरूर कहा कि आगामी समय में किसानों को बिजली दिन में पर्याप्त मिल पाएगी, यह व्यवस्था हमारी सरकार करने वाली है।

रात को भोमाराम के घर खाना खाया, सुबह कलक्टर को कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल ने रात को भोमाराम के यहां भोजन किया, वहीं सुबह ग्रामीणों से चौहटे पर मिले और रामा श्यामा किया। इस दौरान सीएम ने कृषि एवं पशुपालन को लेकर बातचीत की। उन्होंने स्कूल जा रहे छोटे बच्चों से संवाद कर उन्हें चॉकलेट और टॉफी दी तथा अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने गांव के मंदिरों में दर्शन भी किए। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जगह-जगह साफा पहनाकर अभिनंदन किया। 

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने पंसेरी गांव की चौहटा (गांव की चौपाल का मुख्य केंद्र) पर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर जिला कलक्टर को सुन्धामाता मंदिर से मालवाड़ा तक एवं पंसेरी गांव से नीलकंठ महादेव तक सड़क उन्नयन की कार्ययोजना बनाने, पंसेरी गांव में खेल स्टेडियम की जमीन का चिन्हीकरण करने, स्थानीय क्षेत्र की जल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एनीकट निर्माण की व्यवहार्यता रिपोर्ट बनाने, मालवाड़ा में सब्जी मंडी निर्माण की कार्ययोजना बनाने, नवीन ट्रांसफार्मर लगाने एवं पंसेरी में पशु चिकित्सालय के लिए जमीन आवंटन के कार्य को गति प्रदान करने के निर्देश दिए।

इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुन्धा माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के. के. विश्नोई, विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।