813 परिंडे बने बेजुबानों की जीवनरेखा: रूप सिंह राठौड़ का 'परिंडा लगाओ, पक्षी बचाओ' अभियान जारी
- भीषण गर्मी में नारणावास सहित आसपास के गांवों और जंगलों में लगाए गए परिंडे, पक्षियों को मिल रहा शीतल जल
जालोर. भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए नारणावास के रूप सिंह राठौड़ द्वारा संचालित 'परिंडा लगाओ, पक्षी बचाओ' अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत नारणावास, नया नारणावास सहित आसपास के विभिन्न गांवों और जंगलों में अब तक कुल 813 परिंडे लगाए जा चुके हैं। परिंडे लगाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खीम सिंह बागरा, रमेश कुमार सिंह जालोर, हिम्मत सिंह जालोर, गंगा सिंह बागरा, जबर खान, दशरथ पुरी बाकरा, मुकेश कुमार देवासी नारणावास, घीसा लाल, भजन सिंह नया नारणावास, प्रेम प्रकाश गर्ग, हरी राम बागरा, फका राम मेघवाल, छगना राम नया नारणावास, कुइया राम देवासी,टीला राम बिबलसर, विमल कुमार बागरा सहित 42 लोग है।

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समाजसेवी रूप सिंह राठौड़ ने बताया कि 44 डिग्री तापमान में लंबी उड़ान भरने के बाद भी पक्षियों को दूर-दूर तक पीने के लिए पानी नहीं मिलता। कई बार पानी नहीं मिलने से पक्षियों की मौत हो जाती है। इसी को देखते हुए मिट्टी के परिंडे पेड़ों पर लगाए जा रहे हैं ताकि कोयल, तीतर, कबूतर, गौरैया जैसे पक्षी सुरक्षित तरीके से ठंडा पानी पी सके।

पिछले 10 वर्षों से 'परिंडा लगाओ, पक्षी बचाओ' अभियान रूप सिंह राठौड़ द्वारा चलाया जा रहा है। प्रतिवर्ष अप्रैल से मई महीने में 1000 परिंडे लगाने का लक्ष्य रखा जाता है। इस वर्ष भी अप्रैल के प्रथम सप्ताह में अभियान का शुभारंभ महंत महेन्द्र भारती ने रूप सिंह राठौड़, नारणावास प्रशासक जशोदा कंवर व भगवत सिंह नारणावास की उपस्थिति में किया था। अब तक 813 परिंडे लगाए जा चुके हैं। ग्रामीण रोज इन परिंडों में पानी भरकर पक्षियों की सेवा कर रहे हैं। मोर जैसे बड़े पक्षियों के लिए नारणावास पंचायत क्षेत्र मे सीमेंट के कम गहराई के 4 स्थाई कुंड भी बनाएं गए है। उनमे प्रतिरोज पानी भरा जा रहा है।जिससे बड़े पक्षी बीना भय के पानी पी सके।