जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन : जालोर में अलग रह रहे पति पत्नी के बीच समझाइश कर भेजा साथ साथ

जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन : जालोर में अलग रह रहे पति पत्नी के बीच समझाइश कर भेजा साथ साथ
  • 27 साल पुराने एनआईएक्ट के प्रकरण किया निस्तारण

जालोर. राज्य विधिक सेवा प्रधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के निर्देशन में शनिवार को जिले भर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान जालोर मुख्यालय पर स्थित बैंच में एनआई एक्ट का 27 साल पुराना प्रकरण निस्तारित किया गया। इसी प्रकार जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बैंच में पारिवारिक न्यायालय के एक चार पुराने प्रकरण में अलग रह रहे पति पत्नी के बीच राजीनामा करवाकर उन्हें साथ साथ घर भेजा गया। लोक अदालत को लेकर जिले भर के न्यायालयों में सुबह से ही पक्षकारों की भीड जुटी रही। जिला मुख्यालय पर एडीआर भवन में जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट व अन्य न्यायिक अधिकारियों ने सरस्वती मां की तस्वीर के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

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इस दौरान पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अमर वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद, सीजेएम प्रिया टांवरी, किशोर न्याय बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खसाराम परिहार, एडवोकेट सरदारखान खोखर, चिरंजीलाल दवे, प्रवीण कुमार सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। लोक अदालत को लेकर जिले में 8 बैंचों का गठन किया गया। जिला मुख्यालय पर एडीआर भवन में ऋण वसूली के मामलों में बैंकों की ओर से पक्षकारों को छूट दी गई जिससे लोगों को काफी फायदा हुआ और ऋण संबंधी प्री लिटिगेशन के प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

1लाख 75 का मामला 70 हजार में निपटा

जिला मुख्यालय पर प्री लिटिगेशन स्तर पर ऋण संबंधी एसबीआई केशवणा के एक प्रकरण में बाबूसिंह के जिम्मे कुल 1 लाख 75 हजार रूपए बकाया था लोक अदालत में समझाइश के दौरान यह प्रकरण 70 हजार में निस्तारित किया गया। इसी प्रकार आरएमजीबी रेवतडा के मामले में अप्रार्थी हीरसिंह के जिम्मे कुल 2 लाख 36 हजार व ब्याज बकाया था लोक अदालत में बैंच के अध्यक्ष अहसान अहमद व सदस्य प्रवीण कुमार ने पक्षकारों के बीच समझाइश कर मामला 1 लाख 40 हजार में निस्तारित किया।

इनकी बनाई गई बैंच

जिले में जिला मुख्यालय पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश बन्नालाल जाट की अध्यक्षता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद व सीजेएम प्रिया टावरी की अध्यक्षता में बैच गठित की गई। जिला न्यायालय न्यायाधीश के साथ बैंच में सदस्य के रूप में भंवरलाल सोलंकी, सचिव की अध्यक्षता में बैंच के साथ सदस्य उपखंड अधिकारी मनोज व सदस्य प्रवीण कुमार रहे। सीजेएम की अध्यक्षता में बैंच मंे सदस्य के रूप में पैनल अधिवक्ता सरदारखान खोखर रहे। इसी प्रकार आहोर मुख्यालय पर जेएम सुधीर चौहान की अध्यक्षता में गठित बैंच में सदस्य तहसीलदार भाद्रजून चंदन पंवार व पैनल अधिवक्ता गजेंद्रसिंह मौजूद रहे। भीनमाल मुख्यालय पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रामदेव सांदू की अध्यक्षता में सदस्य उपखंड अधिकार मोहित कसानिया, पैनल अधिवक्ता दिनेश खंडेलवाल मौजूद रहे। इसी प्रकार एसीजेएम महेंद्र कुमार टाक की अध्यक्षता में गठित बैंच में पैनल अधिवक्ता ललित खत्री मौजूद रहे। संचौर में ऐसीजेएम भीमसिंह मीणा की अध्यक्षता में गठित बैंच में सदस्य के रूप में उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार व पैनल अधिवक्ता महेंद्र कुमार मौजूद रहे। रानीवाडा में जेएम सांचौर हिम्मतराज की अध्यक्षता में गठित बैंच में उपखंड अधिकारी सुनिल कुमार व पैनल अधिवक्ता अमृतलाल मौजूद रहे।

चार साल पुराने मामले में पति पत्नी को साथ साथ भेजा

राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को एक मामले में चार साल से अलग अलग रहे पति पत्नी के बीच राजीनामा करवाकर दोनों को साथ साथ उसके ससुराल भेजा। जिला मुख्यालय पर जिला एवं सेशन न्यायालय की बैंच में पारिवारिक न्यायालय जालोर का प्रकरण रखा गया था। मामले में उम्मेदाबाद निवासी रिंकू ने अपने पति सांचौर निवासी भरत कुमार पर दाम्पत्य जीवन की पुनर्स्थापना बाबत प्रकरण दर्ज करवाया था। यह प्रकरण पारिवारिक न्यायालय में लंबित चल रहा था। लोक अदालत के दौरान बैंच के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट, सदस्य पैनल अधिवक्ता भंवरलाल सोलंकी ने प्रार्थियां व अप्रार्थी दोनों से समझाइश की और प्रकरण में समझौता करवाया। मामले में समझाइश करने पर दोनों पति पत्नी साथ रहने को सहमत हुए।

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इस दौरान दोनों ने आपस में एक दूसरे को माला पहना कर साथ साथ रहन की शपथ ली। इस दौरान प्रार्थिया के वकील महिपालसिंह भाटी, व अप्रार्थी के वकील भूरसिंह की ने भी प्रकरण में राजीनामा करवाने में सहयोग किया। इस दौरान जिला न्यायालय के रीडर अरविंद कुमार दवे, पारिवारिक न्यायालय के रीडर थानमल, स्थाई लोक अदालत के भरत कुमार मेघवाल, प्रोसेस सर्वर परवेज अहमद, महेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

27 साल पुराना मामला समझाइश से निपटा

एसीजेए संख्या 1 जालोर में प्रकरण नंबर 128/99सीआईएस संख्या 525/2026 कूपाराम बनाम एमके भूत प्रकरण 138 एनआई एक्ट में 16 मार्च 1999 को दर्ज हुआ था जिसमे अभियुक्त को मफरूर घोषित किया जाकर प्रकरण का मफरूरी में निस्तारण किया गया था। उसके बाद परिवादी ने प्रकरण को लोक अदालत की भावना से निस्तारित करवाना चाहा और प्रकरण लोक अदालत में रेफर किया गया। अभियुक्त से लोक अदालत की भावना से राजीनामा होने से परिवादी ने जरिये अधिवक्ता विड्रो प्रार्थना पत्र पेश कर प्रकरण में अभियुक्त से चैक वर्णित राशि 8,536 रूपए प्राप्त होना स्वीकारते हुए प्रकरण निस्तारण करवाना चाहा। इस प्रकरण में सुनवाई के बाद प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रखा गया और लोक अदालत में 27 साल पुराने प्रकरण का आपसी समझाइश से निस्तारण किया गया।