ईडब्ल्यूएस आरक्षण में राजस्थान जैसा सरलीकरण केंद्र में भी हो-धर्मेंद्र सिंह राठौड़

ईडब्ल्यूएस आरक्षण में राजस्थान जैसा सरलीकरण केंद्र में भी हो-धर्मेंद्र सिंह राठौड़
  • ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच द्वारा विचार गोष्ठी आयोजित
  • आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन राठौड की ईडब्ल्यूएस मुद्दे पर प्रेस वार्ता

जालोर। ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के बैनर तले राजस्थान की तर्ज पर केंद्र में ईडब्ल्यूएस में सरलीकरण की मांग को लेकर बुधवार को आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्रसिंह राठौड़ सर्किट हाउस पहुँचे। उन्होंने यहां उपस्थित आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 10 प्रतिशत आर्थिक पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया लेकिन जब विद्वानों ने इसका अध्ययन किया तो कई जटिल शर्ते थी जिसका लाभ मिलना आसान नहीं था इसको लेकर अनारक्षित वर्ग के विभिन्न संगठनों ने ज्ञापन सौंपे लेकिन सरकार ने वो शर्ते नहीं हटाई। इस संबंध में हम लोगों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इन जटिल शर्तों के बारे में अवगत कराया तो उन्होंने इसका अध्ययन करवाकर 8 लाख रुपए इनकम की शर्त के अलावा बाकी चार जटिल शर्ते हटाई जिसका लाभ आर्थिक पिछड़े वर्ग के युवाओं को राजस्थान में मिलने लगा। धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि सबसे पहले आर्थिक पिछड़ों को 14 प्रतिशत आरक्षण की वकालत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले कार्यकाल 1998 की सरकार के समय की थी वही मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार के समय आर्थिक पिछड़ों को आरक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई थी, लेकिन जब नरेंद्र मोदी सरकार आई तो उन्होंने 2019 में संविधान में संशोधन कर आर्थिक आधार पर पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया लेकिन उसमें अवहवारिक शर्ते रखी। मानो एक हाथ से आरक्षण का लाभ दिया और दूसरे हाथ से लिया।

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उन्होंने आमजन से ईडब्ल्यूएस के मुद्दे पर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दे पर हमें सभी को आगे आना होगा और केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुचाकर सरलीकरण कराना होगा ताकि अपने युवाओं को इसका लाभ मिल सके। इस दौरान करणवीर सिंह भाद्राजून, राव मोहनसिंह चितलवाना, लालसिंह धानपुर, नैनसिंह राजपुरोहित, गजेंद्र सिंह डोडियाली, राजवीर सिंह नोसरा, उमसिंह चांदराई, रतनसिंह कानिवाड़ा, भवरसिंह बालावत, भवानीसिंह, अजयपाल सिंह बेदाना, कामिनी शर्मा, भवरसिंह कवला, मोतीसिंह निम्बलाना, चंदनसिंह कोराना, गणपतसिंह भवरानी, खुशपाल सिंह मोरू, पीरसिंह मालपुरा, कृष्णपाल सिंह राखी, विक्रमसिंह टेकरा समेत कई मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने किया।

धर्मेंद्र राठौड़ ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया

आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन व ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आर्थिक पिछड़े वर्ग को ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ दिया तब हमने इसका स्वागत किया, लेकिन उसमें जो शर्ते लगाई वो जटिल थी और जिसका लाभ नहीं मिल पा रहा था ऐसे में राजस्थान प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन जटिल पांच में से चार शर्तो को हटाकर युवाओं को लाभ दिया। हम तो अभी भी मांग कर रहे हैं कि जटिल शर्ते हटाकर केंद्र राजस्थान की तर्ज पर ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ दे तो अब भी उनका धन्यवाद करेंगे इसमे किसी प्रकार की कोई राजनीति नहीं है।

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उन्होंने कहा कि सौ से अधिक विधायकों जिसमें बीजेपी, निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं उन्होंने लिखित में हमें दिया है कि जैसा सरलीकरण राजस्थान में हुआ वैसा केंद्र में भी होना चाहिए। धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि केंद्र की अवहवारिक शर्तें जिसमें पांच एकड़ की शर्त में दो से ढाई लाख की इनकम होती है जो सरकार भी मानती है तो पांच एकड़ की शर्त लगाने की कहा जरूरत पड़ गई। उन्होंने कहा कि कई जातियां ऐसी है जो राज्य में ओबीसी में शामिल हैं लेकिन केंद्र में सामान्य श्रेणी में है तो यह सरलीकरण का लाभ सभी को मिलेगा। धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा हम चाहते हैं कि ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट ज्यादा से ज्यादा बनाए और अगर कही बनने में परेशानी आती है तो हम सहयोग करेंगे इसके लिए हमने हेल्पलाइन तैयार की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव होंगे जिसमें 10 प्रतिशत आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए जो राज्य सरकार के हाथ में है इसकी मांग भी हम इस जन जागृति मंच अभियान के तहत कर रहे हैं।