स्वच्छता मापदंडों की 100 फ़ीसदी कामयाबी तय होगी, स्वच्छता में सुशासन का एहसास करने की ताकत : के के गुप्ता

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DDT Team Verified Media or Organization • 01 Aug, 2026 Chief Editor
May 4, 2026 • 8:05 PM  0
जालोर
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स्वच्छता मापदंडों की 100 फ़ीसदी कामयाबी तय होगी, स्वच्छता में सुशासन का एहसास करने की ताकत : के के गुप्ता
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स्वच्छता मापदंडों की 100 फ़ीसदी कामयाबी तय होगी, स्वच्छता में सुशासन का एहसास करने की ताकत : के के गुप्ता
  • स्वच्छता प्रदेश ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने जिला जालौर में स्वच्छता कार्यशाला को किया संबोधित

जालोर. स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता द्वारा सोमवार प्रातः कलेक्ट्रेट सभागार जिला जालौर में नगर परिषद सहित जिले की सभी निकायों के अधिकारियों और कर्मचारी की कार्यशाला को संबोधित किया गया। कार्यशाला मैं जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने किया ब्रांड एंबेसडर का सम्मान।

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कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता सुशासन की पहली सीढ़ी है। जहां पर गंदगी है, वहां कमजोरी का एहसास होता है, वहीं पर स्वच्छता पाए जाने पर हमें एक नई ताकत और ऊर्जा का एहसास होता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता में कुछ बड़ा हासिल करेंगे तो सफलता भी शोर मचा देगी जिसकी गूंज देश दुनिया में सुनाई देगी। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शहर इंदौर एवं राजस्थान में डूंगरपुर का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जालौर शहर को स्वच्छ भारत मिशन की परिकल्पना साकार करने हेतु इन शहरों का अनुसरण करना होगा।

जीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम होगा

गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर स्वच्छ भारत मिशन शहर के तहत विभिन्न निकायों में ली जा रही बैठकों के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है और हमारे द्वारा प्रत्येक निकाय के अधिकारियों की कार्यशैली के संबंध में फीडबैक दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री महोदय के स्पष्ट निर्देश है कि स्वच्छता के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ में काम होगा। मुख्यमंत्री महोदय ने यह भी स्पष्ट आदेश दिए हैं कि स्वच्छ भारत मिशन में हमें उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने हैं और राजस्थान प्रदेश को देश के सभी राज्यों में अव्वल स्थान पर देखना है। हमें सभी लक्ष्य प्राप्त करते हुए परिणाम प्राप्त करने हैं जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में विकसित और समृद्ध राजस्थान बनेगा

गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा साहब का संकल्प है कि हमारा राज्य समृद्ध और विकसित बने जिसके लिए स्वच्छ भारत मिशन अभियान सबसे प्राथमिक कड़ी का कार्य करता है। मुख्यमंत्री महोदय के मार्गदर्शन में गत वर्ष आयोजित राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम जिसमें लगभग 30 हजार करोड रुपए से अधिक का निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जिसमें से 8 हजार करोड़ के एमओयू पर काम भी प्रारंभ हो गया है, यह राजस्थान के लिए बहुत बड़ा गौरव का विषय है जिसका सारा श्रेय राजस्थान यशस्वी मुख्यमंत्री को जाता है इससे राजस्थान समृद्ध और विकसित राजस्थान बनेगा तथा हम सबको मिलकर स्वच्छ राजस्थान बनाना होगा।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान प्रगति पथ की ओर अग्रसर है

बैठक के दौरान गुप्ता ने कहा कि राजस्थान राज्य में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जल, कृषि, उद्योग, पर्यटन और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान प्रगति पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य के शहरों से लेकर गांवों तक विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंच रहा है और जनता में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है।

सुंदेलाव तालाब से मामानाडी नाला निर्माण का उठा मामला

कार्यशाला के दौरान मामला सामने आया कि नगर के नाला निर्माण कार्य के लिए तकनीकी स्वीकृति हेतु मुख्य अभियंता कार्यालय जोधपुर में पिछले 8 माह से फाइल लंबित चल रही है। स्वीकृति मिलने में हो रही देरी के कारण बरसात का पानी कॉलोनी में घुसेगा जिसको लेकर पूर्व में भी आमजन ने भारी विरोध किया था जिला कलेक्टर ने भी बताया कि उनके द्वारा भी मुख्य अभियंता से बात की गई थी परंतु आज तक पत्रावली स्वीकृत नहीं हुई है। इस मुद्दे पर ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि बिना कारण फाइल रोकने वाले और जनता को मूलभूत सुविधा से वंचित होने पर विवश करने वाले दोषी अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाने की उच्च स्तरीय अनुशंसा की जाएगी।

कार्यशाला में सीवरेज से संबंधित मुद्दा सामने आया कि प्रोजेक्ट में काम कर रहे अधिकारी लापरवाही रख रहे हैं, जिस पर गुप्ता ने पुराने कार्यों की पहले मरम्मत की जाए उसके बाद ही नया कार्य किया जाए जो लाइन पूरी तरह से सतिग्रस्त हो गई है उन्हें बदलने का कार्य तीव्र गति से किया जाए तथा एक बात का ध्यान रखा जाए की 1 किलोमीटर से ज्यादा की मेंटेनेंस बाकी नहीं रहनी चाहिए । इसके साथ ही निकाय में नई मशीन क्रय करने हेतु जयपुर विभाग को पत्र लिखा जाएगा और कचरा संग्रहण वाहन में मेडिकल वेस्ट एकत्र करने का कार्य देखने वाले संबंधित संवेदक को भी पाबंद किया गया।

कार्यों के आधार पर निकायों को चार श्रेणी में रखा जाएगा

गुप्ता ने कहा कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागो में बाँटा गया है। ए श्रेणी के निकायो में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी श्रेणी के निकायो में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी श्रेणी के निकायों में सख़्त कारवाई की आवश्यकता है।

अधिकारियों को निर्देश, इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर करें विशेष फोकस

घर-घर कचरा संग्रहण - सुबह 10 बजे से पूर्व शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण हो। स्रोत पर ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जाए। जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाएं। कचरा संग्रहण की सूक्ष्म मॉनिटरिंग हो ताकि कोई लूपहोल नहीं रहे। 

नाइट स्वीपिंग - रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक कर्मचारी सफाई करे। वाणिज्यिक क्षेत्रों में 365 दिन रात्रिकालीन सफाई होनी चाहिए। रात की पारी में सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

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सार्वजनिक शौचालय - सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ हों। अधिकारी और स्वास्थ्य निरीक्षण स्वयं दिन में एक बार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करें। इससे शौचालयों में स्वच्छता बढ़ेगी जिससे आमजन की सराहना भी मिलेगी। विद्यालयों के शौचालयों की भी नियमित सफाई करवाएं।

प्लास्टिक थैली - प्लास्टिक थैली हमारे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और पशुओं के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक थैली के उपयोग को इस हद तक हतोत्साहित करना होगा कि प्लास्टिक हमें नजर ही नहीं आए। प्लास्टिक थैली का उत्पादन और व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

खाली प्लॉट्स - शहर में खाली प्लाट्स कचरे का बड़ा केंद्र बन गए हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद करें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए।

इन बिन्दुओं पर भी दें ध्यान

शहर में शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलनी चाहिए। बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके हों। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। 90 ए भू रूपांतरित करने के पूर्व भूमालिक द्वारा जमीन का विकास कार्य कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

कार्यशाला में नगर परिषद जालोर आयुक्त शिवपाल राजपुरोहित, गजेन्द्र सिंह सिसोदिया, रवि सोलंकी, दिनेश महावर, सुरेश सोलंकी, महेश भट्ट, सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।

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