नीट पेपर लीक मामले में जालोर में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध किया प्रदर्शन

नीट पेपर लीक मामले में जालोर में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध किया प्रदर्शन

जालोर. जिला कांग्रेस कमेटी, जालोर की ओर से बुधवार 13 मई 2026 को सुबह 11.30 बजे कलेक्ट्रेट जालौर के सामने नीट परीक्षा-2026 का पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुये, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल के नेतृत्व मे आयोजित किया गया। जिला प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने बताया कि सर्वप्रथम समस्त कांग्रेसजन कलेक्ट्रेट जालोर के सामने एकत्रित हुए एवम भाजपा सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। तत्पश्चात सभी कांग्रेसजन ने नीट परीक्षा-2026 का पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुये, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

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जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल ने कहा कि देश में 22 लाख से अधिक छात्रों ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट-2026 परीक्षा में भाग लिया था। इस परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र-छात्राओं ने लगभग दो वर्षों तक कठिन परिश्रम और लगन से अध्ययन किया। लगातार तीसरी बार देश की सबसे महत्वपूर्ण नीट परीक्षा का पेपर लीक होना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है। नीट-2026 परीक्षा निरस्त होने से लाखों छात्र-छात्राओं की मेहनत पर कुठाराघात हुआ है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए अनेक परिवारों ने कर्ज लिया या अपनी अर्जित संपत्ति एवं आभूषण तक बेचकर बच्चों को कोचिंग दिलवाई थी। परीक्षा निरस्त होने के कारण इन परिवारों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ बच्चों की मेहनत व्यर्थ जाते देखना पड़ रहा है। नीट परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को दी गई है, जो सीधे केंद्र सरकार के शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत है। बार-बार इस एजेंसी की कार्यप्रणाली संदेहास्पद रही है तथा अनेक परीक्षाएं पेपर लीक या नकल के कारण निरस्त हो चुकी हैं, जिसकी सीधी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की बनती है। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा न तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के प्रमुख के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही इसकी कार्यप्रणाली में सुधार हेतु प्रभावी कदम उठाए गए हैं, बल्कि इसकी कमियों को छिपाकर संरक्षित करने का ही प्रयास किया गया है।

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कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई, पूर्व जिलाध्यक्ष भवरलाल मेघवाल,नैन सिंह राजपुरोहित,सवाराम पटेल,योगेंद्र सिंह कुम्पावत,वीरेंद्र जोशी,भोमाराम मेघवाल, सवाई सिंह चंपावत,मुमताज अली,नागेश जैन,संतोष कंवर, सुष्मिता गर्ग, खसाराम मेघवाल,पदमाराम सरगरा,आम सिंह परिहार, बसंत सुथार,रमेश सोलंकी,कामिनी शर्मा,गीता श्री मेघवाल, सुरेश मेघवाल,शीला चौधरी,देवाराम सांखला ,मिश्रीमल गहलोत,आनिल पंडत, महेंद्र सोनगरा, डिम्पल मेघवाल, पदमावती सिधल,चम्पा मेघवाल,कृष्ण कुमार वनिका, प्रकाश मेघवाल,जोगाराम सरगरा, बंशीलाल माली,रजब मोयला, पुखराज माली,फकरुद्दीन मेहर,वाहिद मेहर,रज्जब खोखर,वागाराम परमार,ओमप्रकाश चौधरी,पोलाराम लुकड़ सहित तमाम कांग्रेसजन उपस्थित थे।