जालोर के अश्विन राजपुरोहित बने भारत सरकार के चीफ स्टैंडिंग गवर्नमेंट काउंसिल व कमलसिंह को बनाया अतिरिक्त स्टैंडिंग काउंसिल
- अधिवक्ताओं ने फूल माला और सांफा पहनाकर किया स्वागत अभिनंदन
जालोर. एडवोकेट अश्विन राजपुरोहित को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से केंद्र सरकार के मुकदमों के संचालन के लिए चीफ स्टैंडिंग काउंसिल नियुक्त किया गया है। इधर, राजपुरोहित की नियुक्ति पर अधिवक्ता परिषद के कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। साथ ही साथी अधिवक्ताओं ने भी फूल माला पहनाकर स्वागत अभिनन्दन किया।

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केंद्र सरकार के न्याय एवं विधि मंत्रालय दिल्ली द्वारा शुक्रवार देर शाम को सूची जारी की। जिसमें अधिवक्ता परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता अश्विन राजपुरोहित को जालोर जिला न्यायालय और उसके अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी के लिए चीफ स्टैंडिंग कौंसिल बनाया गया है। यह केंद्र सरकार का आधिकारिक अधिवक्ता पैनल है। इसका सदस्य होना किसी भी अधिवक्ता के लिए गौरव, विश्वास और करियर की बड़ी उपलब्धि माना जाता है। नव नियुक्त चीफ स्टैंडिंग कौंसिल अश्विन राजपुरोहित एवं अतिरिक्त स्टैंडिंग कौंसिल कमलसिंह मेड़तिया का अधिवक्ता परिषद के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दिलीप शर्मा के नेतृत्व में ललित खत्री, प्रवीण घांची, डूंगर देवासी ने माला सांफा पहनाकर स्वागत किया तथा शुभकामनायें दी। इसी तरह वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र दवे, लोकपाल नैनसिंह राजपुरोहित, अधिवक्ता संतोष भारती, बाबूलाल मेघवाल, भंवर मेघवाल, सुजान देवासी, महिपाल गिरी, अल्ताफ अली, दौलत बाराडा, मंगलसिंह राजपुरोहित, नवीन गेहलोत, प्रवीण भादर, युद्धपालसिंह, शकील मेहर, भूरसिंह देवकी, केशरसिंह नून, बजरंग गर्ग, गणपत सिंह नोरवा सहित अधिवक्ताओं ने भी राजपुरोहित का स्वागत किया।