ग्राम उत्थान शिविरों में कृषि विभाग द्वारा तारबंदी के लिए 2914 आवेदन भरवाए गए

ग्राम उत्थान शिविरों में कृषि विभाग द्वारा तारबंदी के लिए 2914 आवेदन भरवाए गए

जालोर . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारीशक्ति (जीवाइएएन) के कल्याण के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शीघ्र ही ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (जीआरएएम) -2026’ का आयोजन करने जा रही है। ग्राम के इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित कर उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के क्रम में जिले के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

विज्ञापन

जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने बताया कि जिले में 23 से 25 जनवरी तक विभिन्न गिरदावर सर्किलों में आयोजित हुए ग्राम उत्थान शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें मौके पर लाभान्वित किया गया। शिविरों में कृषि विभाग द्वारा ग्रामीणों से 2914 तारबंदी, 474 पाईप लाईन, 366 फार्म पौण्ड व बैलों से खेती योजनान्तर्गत प्रोत्साहन राशि के लिए 178 आवेदन भरवाए गए तथा ग्रामीणों को फसल बीमा, एमएसपी व कृषि योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही 971 सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, 2282 मिनी किट व 1828 बीज वितरण का सत्यापन किया जायेगा। उद्यानिकी विभाग द्वारा 384 फव्वारा संयंत्र, 629 ड्रिप व 101 सौर पम्प के आवेदन भरवाए गए। कृषि विपणन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खा़द्य प्रसंस्करण उद्यमों की योजना में 38 आवेदन पत्र भरवाए गए।

 इसी प्रकार सहकारिता विभाग द्वारा 360 किसान क्रेडिट कार्ड, 105 नए कस्टम हायरिंग सेंटर के आवेदन तैयार करवाए गए तथा सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। पशुपालन विभाग द्वारा 816 मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 5432 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधि पिलाई गई। 40 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, 57 फर्टिलिटी किट का वितरण किया गया तथा विभागीय योजनाओं-कार्यक्रमों तथा गौशाला विकास योजना की जानकारी दी गई। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वीबी-जीराम-जी का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही दीनदयाल उपाध्याय योजना का सर्वे कार्य पूर्ण किया जायेगा। जल संसाधन विभाग द्वारा वाटर यूजर एसोसिएशन को सक्रिय करने तथा वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का प्रचार-प्रसार किया गया साथ ही नहरों एवं खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का चिन्हीकरण किया गया। ऊर्जा विभाग द्वारा 405 आवेदकों का पी.एम. सूर्यघर योजनान्तर्गत पंजीकरण किया गया।