पंचायतीराज चुनावों को लेकर जिले में निषेधाज्ञा लागू
जालोर । जिले में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत पंच-सरपंच, पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों के चुनाव शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराये जाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट जालोर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने दिनांक 28 नवम्बर 2026 तक जिले में निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा में निषेधाज्ञा लागू की है। निषेधाज्ञा के तहत जिला जालोर की पंचायत संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्रों के भीतर आम चुनाव-2026 की समाप्ति तक कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे रिवोल्वर, पिस्टल, राईफल, बन्दूक(एम.एल. गन व बी.एल. गन) एवं अन्य घातक हथियार जैसे गण्डासा, फर्सा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनख लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण करने, प्रदर्शन एवं उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात सैनिक, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड तथा चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी इससे मुक्त रहेंगे। धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण धारण करने वाले सिख समुदाय के व्यक्तियों को भी छूट रहेगी। यह आदेश शस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाने में जमा कराने हेतु ले जाने वालों पर लागू नहीं होगा। वृद्ध, दिव्यांग एवं बीमार व्यक्ति आवागमन में सहारे के लिए लाठी का उपयोग कर सकेंगे।
निषेधाज्ञा के दौरान उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थानों पर जुलूस, रैली, सभा एवं धरना आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। इसी प्रकार ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए भी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमति सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी। परन्तु अनुमति इस शर्त पर नहीं दी जाएगी कि इससे यातायात व्यवस्था, लोकसुविधा एवं लोकशान्ति विक्षुब्ध हो। यह प्रतिबंध बारात एवं शव यात्रा पर लागू नहीं होगा।
सोशल मीडिया एवं इंटरनेट के माध्यम से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष, दुष्प्रचार अथवा साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारों, भाषण एवं उद्बोधनों तथा सामग्री के प्रचार-प्रसार पर रोक रहेगी। इस दौरान एम्प्लीफायर, रेडियो, टेपरिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट-सीडी व अन्य किसी प्रकार के दृश्य-श्रव्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों या इन्टरनेट व सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार के प्रचार-प्रसार पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। निजी, सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर राजनीतिक नारे, चुनाव चिन्ह, पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाने तथा संपत्तियों को विरूपित करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

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सार्वजनिक स्थानों पर मादक पदार्थों के सेवन तथा अधिकृत विक्रेताओं के अलावा अन्य माध्यम से मदिरा के उपयोग एवं परिवहन पर रोक रहेगी। सूखा दिवस पर मदिरा विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।
मतदाताओं को वाहनों से मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मतदान दिवस पर मतदान केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन, सेलफोन एवं वायरलेस के उपयोग तथा ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पुलिस अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने नागरिकों से राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता एवं निषेधाज्ञा की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने की अपील की है। आदेश की अवहेलना अथवा उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 एवं अन्य विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।