10 लाख से अधिक लागत के आवासीय भवन बनवाने पर वसूला जायेगा 1 प्रतिशत सेस

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DDT Team Verified Media or Organization • 01 Aug, 2026 Chief Editor
Dec 19, 2025 • 6:49 PM  0
जालोर
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10 लाख से अधिक लागत के आवासीय भवन बनवाने पर वसूला जायेगा 1 प्रतिशत सेस
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19 Dec 2025
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10 लाख से अधिक लागत के आवासीय भवन बनवाने पर वसूला जायेगा 1 प्रतिशत सेस

जालोर. श्रम कल्याण विभाग द्वारा भवन एवं संनिर्माण श्रमिक कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996 के तहत 10 लाख रूपये से अधिक लागत के आवासीय भवन बनवाने पर एक प्रतिशत उपकर (वसूला) जायेगा।

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 श्रम कल्याण अधिकारी बुधराम ने बताया कि राज्य में भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996 लागू है जिसके तहत 27 जुलाई, 2009 के पश्चात् निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक व निजी (आवासीय) भवनों व निर्माण कार्यों की लागत पर 1 प्रतिशत उपकर (सेस) देय है। राजस्थान में अभी तक किसी भी वर्ग या निर्माण कार्य पर उपकर राशि की छूट नहीं है। भवन निर्माण करने वाले मालिक या नियोजक को निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की सूचना 30 दिवस की अवधि में निर्धारित प्रपत्र में श्रम विभाग को दिया जाना आवश्यक है तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने या उपकर राशि निर्धारण होने के 30 दिवस की अवधि में जो भी पहले हो, उपकर राशि को जमा करवाना आवश्यक है। नियोजक द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्य की अनुमानित लागत पर देय उपकर अग्रिम भी जमा करवाया जा सकता है। उपकर (सेस) के तहत वसूली जाने वाली राशि निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में व्यय की जाती है।

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उन्होंने बताया कि 27 जुलाई, 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक व निजी आवासीय भवनों व निर्माण कार्यों को उपकर (सेस) के दायरे में रखा गया है जिनमें से 10 लाख रूपये से कम लागत के बनाए गए केवल आवसीय भवनों को उपकर सेस के दायरे से बाहर रखा गया है। 10 लाख रूपये की लागत से ज्यादा की लागत से अगर कोई आवासीय मकान बनाता है तो उससे भी एक प्रतिशत उपकर (सेस) वसूला जायेगा। व्यावसायिक भवन निर्माण करवाने पर कोई छूट नहीं है। 

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उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत श्रम विभाग द्वारा जिले में अब तक 1120 मालिकों/नियोजकों को नोटिस जारी किये गये हैं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 160 से अधिक निर्माण स्थल (आवासीय व व्यावसायिक) के मालिकों को नोटिस िए गए हैं। इन प्रकरणों में नियत समय में राशि जमा नहीं करवाये जाने की स्थिति में वसूली के लिए जिला कलक्टर को प्रेषित किये जायेंगे। प्रारंभ में भवन मालिक/नियोजक को निर्माण से संबंधित दस्तावेज अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। नोटिस के बाद उपकर (सेस) जमा नहीं करवाने पर श्रम विभाग स्वयं निर्माण की लागत निकालकर भवन मालिक के विरूद्ध एक पक्षीय उपकर (सेस) निर्धारण आदेश जारी करेगा। उपकर राशि देय होने की अवधि में जमा नहीं करवाने की स्थिति में 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से नियोजक पर ब्याज आरोपित किये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा उपकर की निर्धारित अवधि में नहीं करवाने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी का भी प्रावधान है। 

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 उन्होंने बताया कि कोई भी निर्माणकर्ता द्वारा नगर परिषद/नगर पालिका में नक्शा स्वीकृति के समय उपकर की अनुमानित राशि जमा करवाई गई है तो भी अंतिम उपकर निर्धारण राशि श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय जालोर में जमा करवाएं।  उन्होंने सभी नियोजकों से अपील की हैं कि वे समय पर निर्माण कार्य की उपकर राशि जमा करवायें अन्यथा उपकर जमा नहीं करवाने पर मय ब्याज एवं पेनल्टी के साथ वसूली की कार्यवाही की जायेगी।

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