ला नीना का असर और अक्टूबर की गर्मी: जानें इस बार कैसी रहेगी राजस्थान में सर्दियों की रंगत
पश्चिमी राजस्थान में इस बार अक्टूबर के महीने में गर्मी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है और मौसम के ताजा आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। आमतौर पर अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े तक शाम ढलने के बाद मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है, लेकिन इस बार जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिलों में दिन के समय चुभने वाली धूप और गर्मी बरकरार है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तीव्र धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और पंखे तथा कूलर अभी भी अपनी पूरी क्षमता से चल रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के पिछले वर्षों के तापमान रिकॉर्ड और जलवायु प्रवृत्तियों से तुलना करने पर यह स्पष्ट होता है कि इस वर्ष अक्टूबर के शुरुआती और मध्य हिस्से में गर्मी का प्रभाव पिछले साल की तुलना में थोड़ा अधिक प्रभावी है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस बार पश्चिमी जिलों में दिन का पारा दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे शरद ऋतु की शुरुआत में विलंब होता दिखाई दे रहा है। मानसून के लौटने के बाद उत्तर-पूर्वी हवाओं के पूरी तरह से सक्रिय न होने और वायुमंडल में नमी की कमी के कारण तापमान में अपेक्षित गिरावट दर्ज नहीं हो पा रही है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं टिकेगी और आने वाले हफ्तों में मौसम करवट लेगा। जैसे-जैसे अक्टूबर का महीना अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ेगा और उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट शुरू होगी, वैसे-वैसे राजस्थान की आबोहवा में भी बदलाव देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ला नीना की संभावित स्थितियों के चलते इस वर्ष सर्दियों के मौसम में अच्छी ठंड पड़ने की उम्मीद है, हालांकि इसकी आधिकारिक शुरुआत नवंबर के शुरुआती हफ्तों से ही सुचारू रूप से हो सकेगी। तब तक पश्चिमी राजस्थान के लोगों को दिन की तेज धूप और गर्म मौसम से राहत पाने के लिए कुछ और हफ्तों का इंतजार करना पड़ सकता है।