जिले के जलभराव क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य अभियान से मलेरिया-डेंगू पर नियंत्रण
- जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में विभाग की अहम भूमिका
जालोर. जालोर जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। विभाग द्वारा बनाई गई दूरदर्शी कार्ययोजना, योजनाबद्ध कार्यशैली एवं अनुशासित प्रशासनिक व्यवस्था के चलते जिले ने स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों के समन्वित प्रयासों से आमजन को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
चितलवाना जलभराव क्षेत्र में चला विशेष मच्छर नियंत्रण अभियान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जलभराव से प्रभावित चितलवाना क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य टीमों का गठन कर सुनियोजित अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत नियमित रूप से फॉगिंग, एंटी-लार्वल गतिविधियां, पानी के स्रोतों की जांच एवं मच्छर प्रजनन स्थलों को नष्ट करने जैसे आवश्यक कदम उठाए गए। साथ ही निजी अस्पतालों की टीमों को भी अभियान से जोड़कर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

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इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप चितलवाना क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। क्षेत्र में इन रोगों के केस नगण्य स्तर पर पाए गए, जो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तत्परता, फील्ड स्तर पर की गई सघन निगरानी तथा प्रभावी कार्यकुशलता को दर्शाता है।
मलेरिया डायग्नोसिस में जालोर जिला रहा प्रदेश में अग्रणी
डॉ. जाणी ने बताया कि मलेरिया उन्मूलन की दिशा में जालोर जिले ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मलेरिया रोग के डायग्नोसिस हेतु ली जाने वाली ब्लड स्लाइड संग्रहण में पूर्व में जालोर जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि जिले की सुदृढ़ निगरानी प्रणाली, स्वास्थ्य कार्मिकों की मेहनत तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में किए गए प्रभावी फील्ड कार्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
लाडो प्रोत्साहन योजना में प्रभावी क्रियान्वयन का असर, जालौर 15वीं रैंक पर पहुंचा
सीएमएचओ डॉ. जाणी ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़ी लाडो प्रोत्साहन योजना में भी जालोर जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। योजना के तहत नियमित मॉनिटरिंग, कार्मिकों के प्रशिक्षण तथा समय-समय पर समीक्षा बैठकों के आयोजन के परिणामस्वरूप जालोर जिले ने प्रदेश स्तर पर 41वीं रैंक से सुधार करते हुए 15वीं रैंक प्राप्त की है। यह उपलब्धि जिले की प्रभावी कार्ययोजना, प्रशासनिक दक्षता एवं निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
टीबी मुक्त भारत अभियान में वल्नरेबल पॉपुलेशन की स्क्रीनिंग

सीएमएचओ डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में लगभग शत-प्रतिशत वल्नरेबल पॉपुलेशन को चिन्हित कर उनकी टीबी स्क्रीनिंग की गई। संभावित टीबी रोगियों की समय पर जांच कर तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया, जिससे टीबी संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण की दिशा में जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।