रैपिड रोविंग एवं डायग्नोस्टिक टीम द्वारा जालौर जिले में फसलों का व्यापक सर्वे
जालोर. अतिरिक्त निदेशक, कृषि विस्तार, खण्ड जालोर द्वारा गठित रैपिड रोविंग एवं डायग्नोस्टिक टीम द्वारा जिले के कृषि उप-जिला जालौर एवं भीनमाल क्षेत्र के ग्राम उम्मेदाबाद, सायला, बावतरा, जीवाणा, भांडवपुर, पोषाणा, पुनावास, हरमू, तिलोड़ा, चेनपुरा तथा बागोड़ा तहसील क्षेत्र का भ्रमण कर रबी फसलों में कीट एवं व्याधियों की स्थिति के अवलोकन हेतु रैपिड सर्वेक्षण किया गया।
रैपिड रोविंग टीम के समन्वयक डॉ. खुमान सिंह रुपावत, उपनिदेशक कृषि विस्तार (सामान्य), कृषि खण्ड जालोर, सुभाषचन्द्र सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) जालोर जिला प्रतिनिधि, डॉ. रतनलाल शर्मा, सहायक आचार्य (पौध व्याधि) व स्थानीय सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक द्वारा रबी फसलों में कीट व्याधि की स्थिति का अवलोकन कर कृषकों को वांचित समाधान बताया।

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सर्वेक्षण के दौरान किसानों के खेतों मे खडी विभिन्न फसलों का भ्रमण कर फसल स्थिति कीट व्याधि का प्रकोप आदि जायजा लिया गया। सरसों, गेहूं, तारामीरा, इसबगोल, अरंडी, अनार, क्विनोआ आदि फसलों का निरीक्षण किया गया। अनार फसल में कहीं-कहीं एन्थ्रेक्नोज एवं सर्कास्पोरा रोग का प्रकोप देखा गया। सरसों फसल में कुछ क्षेत्रों में एफीड़ कीट का प्रकोप पाया गया, जो वर्तमान में आर्थिक क्षति स्तर से कम रहा। तथापि पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए प्रकोप बढ़ने की संभावना के कारण निरंतर निगरानी के निर्देश फील्ड स्टाफ को दिए गए। सरसों में कहीं-कहीं ओरोबैंकी (परजीवी खरपतवार) की समस्या भी देखी गई। गेहूं फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप नगण्य पाया गया तथा कोई विशेष समस्या नहीं देखी गई। अरंडी फसल में वर्षा के पश्चात कुछ क्षेत्रों में कैप्सूल झड़ने एवं लीफ स्पॉट रोग का हल्का प्रकोप पाया गया।

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रैपिड रोविंग सर्वेक्षण के दौरान अधिकांश फसलों में कीट-व्याधि का प्रकोप नियंत्रण स्तर में पाया गया। संभावित प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए फील्ड स्टाफ को सतत निगरानी, समय पर परामर्श एवं कृषकों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए।