जालोर पहुंचे 24 गांवों के लोगों ने कलेक्टर से कहा - या तो त्रुटि सुधार कर झाब को बना दो या फिर चितलवाना पंचायत समिति में यथावत रखो

जालोर पहुंचे 24 गांवों के लोगों ने कलेक्टर से कहा - या तो त्रुटि सुधार कर झाब को बना दो या फिर चितलवाना पंचायत समिति में यथावत रखो
  • झाब क्षेत्र से बड़ी संख्या में पहुँचे लोगों ने समिति बचाने के लिए किया प्रदर्शन
  • कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जालोर. झाब बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले झाब समेत 24 गांवों के लोग मंगलवार को अपने अपने वाहनों से जिला मुख्यालय पहुँचे और झाब पंचायत समिति को निरस्त करने के विरोध में प्रदर्शन किया। शाम को एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ प्रदीप केशवराव गावंडे को ज्ञापन देकर झाब पंचायत यथावत रखने या फिर पुनः चितलवाना पंचायत समिति में शामिल करने की मांग रखी। कलेक्टर को ज्ञापन देते समय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पहले झाब पंचायत समिति बनाई इसमें 20 गांव चितलवाना पंचायत समिति के और 4 गांव सांचौर पंचायत समिति के है, लेकिन सवा महीने बाद झाब को परिवर्तित कर भादरुणा को पंचायत समिति मुख्यालय बना दिया, जो किसी भी रूप से जनभावनाओं के पक्ष में नहीं है। प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट कहा कि या तो झाब को पंचायत समिति मुख्यालय बना दिया जाय या फिर पूर्व की भांति चितलवाना में ही रखा जाए। 

निर्दलीय विधायक पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सांचोर के निर्दलीय विधायक जीवाराम पर निशाना साधा और कहा कि यह लड़ाई पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार और विधायक जीवाराम के खिलाफ है। वक्ताओं ने कहा कि जीवाराम बार बार बागी हुए और भाजपा को हराने का काम रहे हैं जबकि झाब समेत यह सारे गांव अधिकांश भाजपा के वोटर है।इसके बाद धरना प्रदर्शन कर रहे लोगो ने मांग की कि कलेक्टर बाहर आकर ज्ञापन ले। इस दौरान कई युवा अर्द्ध नग्न अवस्था में बैठे थे।

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इस दौरान बड़ी संख्या पुलिस जाब्ता तैनात रहा। जब काफी देर तक कलेक्टर बाहर नहीं आए तो एक प्रतिनिधिमंडल ने अंदर जाकर कलेक्टर प्रदीप गावंडे को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी और कहा कि हमारी बात को आगे तक पुरजोर तरीके से पहुंचाई जाए।  

आक्रोशित युवाओं ने उठा लिए थे बेरिकेड्स

सुबह बड़ी संख्या में झाब व आसपास के लोग जालोर के लिए रवाना हुए। जालोर जिला मुख्यालय पर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया था, इस कारण वाहनों की व्यवस्था पहले ही करवाई थी, इस कारण लोग बड़ी संख्या में रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे, पुलिस समझ पाती तब तक युवाओं ने बेरिकेड्स को एक बार तो उठा लिए, लेकिन पुलिस ने भी सूझबूझ दिखाते हुए जल्द स्थिति को नियंत्रण में ले लिया, बाद में सभी सड़क पर बैठ गए और कलेक्टर के बाहर आने की मांग करने लगे। देर शाम को महेंद्रसिंह, बाबूलाल चौधरी समेत एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

इसलिए हो रहा विरोध

बता दें कि राज्य सरकार ने पंचायतों के नव सृजन के तहत जालोर जिले के सांचोर विधानसभा क्षेत्र के झाब को पंचायत समिति बनाया लेकिन 24 घंटे में ही सरकार ने आदेश निरस्त कर भादरुणा को पंचायत समिति बनाया तब से झाब समेत 24 गांवों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उनकी मांग है कि झाब भादरुणा से जनसंख्या में बड़ा होने के साथ ही पुलिस थाना समेत कई सरकारी कार्यालय व सुविधाएं उपलब्ध हैं जबकि भादरुणा में इन सुविधाओं की कमी है ऐसे में यह लोग भादरुणा का विरोध कर रहे हैं, विरोध कर रहे लोगो का यह कहना भी है पहले सरकार ने झाब को पंचायत समिति बनाने का आदेश जारी कर दिया, अगर नहीं बनाना था तो यह आदेश जारी नहीं करना था।

29 दिन से धरना जारी, ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर उपखंड मुख्यालय तक प्रदर्शन

झाब बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले 29 दिनों से प्रदर्शन जारी है, 13 जनवरी को संघर्ष कर रहे लोगो ने ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर बड़ी रैली निकाली थी और उपखंड मुख्यालय चितलवाना पहुँच ज्ञापन सौंपा था। वही मंगलवार को झाब से बड़ी संख्या में अपने वाहन लेकर यह लोग जिला मुख्यालय पहुँच कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।