गणपतसिंह मांडोली प्रकरण : महिला कांस्टेबल भंवरी ने निभाई विशेष भूमिका, लच्छू से उगलवाया सच
दिलीप डूडी, जालोर. जालोर जिले के बहुचर्चित गणपतसिंह मांडोली प्रकरण में एएसपी से लेकर तकनिकी सहयोगी समेत 23 पुलिस अधिकारियों-सिपाहियों की टीम अनुसन्धान में जुटी हुई थी, लेकिन टीम की सदस्य महिला कांस्टेबल भंवरी की एक ट्रिक ने पुलिस का काम आसान कर दिया और प्रकरण का पर्दाफाश हो गया। भंवरी की इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्रसिंह इंदौलिया ने भी खुशी जाहिर करते हुए पुलिस मुख्यालय को विशेष भूमिका के रूप में नाम भेजा है।
पहले कई प्रयास हुए थे विफल
दरअसल, गणपतसिंह परमार की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस के अलग अलग जांच अधिकारियों ने डेढ़ सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की, लेकिन अंत में जिन पर संदेह हुआ उसके ठोस प्रमाण नहीं मिल पा रहे थे। इस कारण पुलिस के लिए पर्दाफाश करना मुश्किल हो रहा था।

विज्ञापन
इससे पहले इस प्रकरण में आरोपी महिला लच्छू पर शक हुआ तो पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ के प्रयास किए, लेकिन लच्छू कई बार दांत जुड़ने की बीमार बताकर लेट जाती थी और इससे उसका ब्लड प्रेशर अस्थिर होने से पुलिस सच उगलवाने में विफल होती रही। महिला लच्छू की चालाकी के कारण सच बाहर नहीं आ पा रहा था।

विज्ञापन
इधर, गणपतसिंह की 80 वर्षीय मां व पत्नी की ओर से जब 27 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू की गई तो महिला कांस्टेबल भंवरी (352) को संदिग्ध महिला लच्छू पर निगरानी का दायित्व दिया गया। भंवरी ने उस पर 15 दिन से निगाह रखी, मौका पाते ही बड़े शालीन तरीके से ऐसी बातें की कि लच्छू ने सच उगल दिया। जैसे ही लच्छू ने जो बातें बताई उससे इस प्रकरण की कड़ियाँ जुड़ गई और पुलिस ने लच्छू के साथ साथ गजेंद्रसिंह राजपूत व वागाराम भील को गिरफ्तार कर लिया। जालोर एसपी ने महिला कांस्टेबल भंवरी के कार्यों की प्रशंसा की और इस प्रकरण के पर्दाफाश के रूप में भंवरी का नाम विशेष भूमिका के रूप में मुख्यालय भेजा है। ऐसे प्रकरणों के खुलासे में मुख्य भूमिका निभाने वाले सिपाहियों को अक्सर गैलेंट्री अवार्ड देने का प्रयास रहता है।
मुख्य आरोपी के पिता से भी हो सकती है पूछताछ
इस मामले में फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है, लेकिन पुलिस के गहन अनुसन्धान के मुताबिक मुख्य आरोपी गजेन्द्रसिंह के पिता सुरेंद्रसिंह से भी पूछताछ की जा सकती है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्रसिंह शुरुआत में इस प्रकरण का पर्दाफाश करने की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के दौरान साथ थे।
