मारू कुम्हार समाज जालोर का तेरहवाँ सामूहिक विवाह समारोह सम्पन्न, बारह जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
जालोर. श्रीयादे सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित मारू कुम्हार समाज का तेरहवाँ सामूहिक विवाह समारोह बारह जोड़ों के परिणय सूत्र में बंधने के साथ सम्पन्न हुआ। जालोर शहर के एक निजी रिसोर्ट में रविवार को प्रातः 7 बजे से ढोल व बैंड की धुनों के बिच बारातों के आने का सिलसिला प्रारम्भ हुआ। संस्थान के कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्प वर्षा कर सभी बारातों का भव्य स्वागत किया गया।

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सभी बारातों का स्वागत करने के बाद पंच पटेलों द्वारा पड़जोन की रस्म निभाई गई। वहीं सभी दुल्हों ने अपने सगे संबधियों के साथ तोरण बांध कर चवरी मंडप मे प्रवेश किया। आचार्य राकेश दवे के नेतृत्व में सभी पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फेरों की रस्म को अंजाम दिया। इस शुभ अवसर पर श्रीपति धाम के संस्थापक गोविन्दवल्लभ दास महाराज ने पधारकर वर-वधु को आशीर्वाद देकर उनके सुखी जीवन की कामना की। वहीं श्रीयादे सेवा संस्थान द्वारा लगातार तेहरवें साल सामूहिक विवाह आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं की सराहना की। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शरीक हुए। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने चंवरी मंडप में जाकर दूल्हे-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। संस्थान के सदस्यों द्वारा उनका माला व साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित समाज बंधुओं को सम्बोधित करते हुए मंत्री कुमावत ने आयोजनों की महत्ती आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा व समर्पण भाव से ही आज तेरहवाँ सामूहिक विवाह का सफल आयोजन हो पाया है।

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कार्यक्रम में पधारे आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने भी आयोजन की सफलता की प्रशंसा की। उन्होने अपने उद्बोधन में कहा कि सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर अंकुश लगता हैं। समारोह में पंच पटेलों द्वारा पाट डोरिया व ढोल की रस्म के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। इस अवसर पर सभी भामाशाहों, सहयोगियों व समाज के सभी विशिष्ट जन का माला, साफा व स्मृतिचिह्न से अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम के मंच संचालन में नरपत आर्य की मुख्य भूमिका रहीं। अंत में कन्यादान की सामग्री का वितरण कर बारातों को विदा किया गया। औरतों द्वारा विवाह के गीतों की धूम मची रही, वहीं ढोल की धाप पर बाराती खूब थिरके। इस अवसर पर अध्यक्ष नरपतलाल आर्य, सचिव किशोर देवड़ा, कोषाध्यक्ष कन्हैयालाल मेवाड़ा, चम्पालाल देवड़ा, फुलाराम सियोटा, श्याम देवड़ा, महेन्द्र मेवाडा, ललित देवड़ा, शंकरलाल देवड़ा, सुरेश पोणेचा, मोहनलाल सियोटा, ओमप्रकाश आर्य, मनोज देवड़ा, हितेश माल, शान्तिलाल सियोटा, उत्तमचंद देवड़ा, मदनलाल मेवाड़ा, महेन्द्र राठौड, डायाराम बडवाल, भगवानाराम बड़वाल, सुरेश बड़वाल, गोकुलराम देवड़ा, नरेन्द्र सियोटा, अमृतलाल चान्दोरा, मुकेश देवड़ा, पुखराज टांक, शान्तिलाल पोणेचा, विक्रम देवड़ा सहित सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।