गणपतसिंह प्रकरण में एक महीने का अल्टीमेटम, एसआईटी करेगी जांच, नवें दिन सांसद ने ज्यूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

गणपतसिंह प्रकरण में एक महीने का अल्टीमेटम, एसआईटी करेगी जांच, नवें दिन सांसद ने ज्यूस पिलाकर तुड़वाया अनशन
  • एक महीने के लिए भूख हड़ताल स्थगित
  • पिछले 9 दिन से गणपतसिंह हत्याकांड को लेकर परिवार बैठा था भूख हड़ताल पर

जालोर. मांडोली निवासी गणपतसिंह की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक की माता हवा कंवर, पत्नी भारती कंवर, समेत परिवार के पांच लोग पिछले 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे और कोई निष्कर्ष निकलता नहीं देख मंगलवार को सर्व समाज ने बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुँच धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन व पुलिस को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर एक महीने का अल्टीमेटम दिया कि एक महीने में इस मामले का खुलासा होता है तो ठीक है नहीं तो आगामी 25 दिसम्बर से पुनः भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा, प्रशासन, पुलिस और सांसद व राजपूत समाज के मौजिज लोगों की मौजूदगी और आश्वासन के बाद परिवार को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया गया। सांसद लुम्बाराम चौधरी, रविन्द्र सिंह बालावत, भवानीसिंह बाकरा समेत समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में परिवार के सभी पांचों लोगों और कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष भेरूपाल सिंह का अनशन तुड़वाया। अनशन तुड़वाने के बाद सांसद लुम्बाराम ने परिवार को आश्वस्त किया कि मैं लगातार इस केस पर ध्यान रखूंगा और समय समय अधिकारियों से अपडेट लेता रहूंगा। 

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 इससे पूर्व धरने को संबोधित करते हुए मारवाड़ सभा जोधपुर के अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा ने संबोधित करते हुए कहा कि बड़े दुख और शर्म की बात है कि न्याय के लिए एक माँ को 80 साल की उम्र में सड़क पर बैठना पड़ा, और हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि परिवार दर दर भटका, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला तब जाकर यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने पुलिस व प्रशासन को आगाह किया कि हमें न्याय लेना आता है अगर आप जल्द इस मामले में कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुँच पाते हैं तो फिर हमें मजबूर होकर अगला कदम उठाना पड़ेगा।  

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धरने को संबोधित करते हुए जयेन्द्र सिंह गलथनी ने कहा कि हमें अगर न्याय लेना तो सड़कों पर उतरना होगा और वजूद पैदा करना पड़ेगा ताकि प्रशासन की नींद खुल सके। उन्होंने कहा कि हमें ईट से ईंट बजानी होगी, और अगर भूख हड़ताल पर बैठी माताजी के स्वास्थ्य में गड़बड़ हुई तो समझ लेना सरकार का स्वास्थ्य गड़बड़ा जाएगा। और हम यहां न्याय नहीं हक मांगने आए हैं। रविन्द्र सिंह बालावत ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारा ऐसा कोई टारगेट नहीं है कि कोई निर्दोष फंसे, लेकिन दोषी बचना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। कई वक्ताओं ने अपने संबोधन में यह बात उठाई कि अब इस मामले को लंबा नहीं खिंचा जाए और पुलिस किसी निष्कर्ष पर निकले तो ही आज का यह मकसद सफल होगा।

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धरने को वरिष्ठ भाजपा नेता मंगलसिंह सिराणा, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, दलीपसिंह मांडानी, उमसिंह चांदराई, दीपसिंह धनानी, चंदन सिंह कोराणा, मांगूसिंह बावली, रूपराज पुरोहित, विक्रमसिंह पुनासा, मनमोहन सिंह बिसलपुर, मोतीसिंह जोधा, भवानीसिंह देता, पीरसिंह मालपुरा, सुखराम बोस, ईश्वरसिंह, व्यापार मंडल के जालमसिंह, शैतानसिंह गलथनी, टीकमसिंह, आम सिंह परिहार, खीमाराम चौधरी, बद्रीदान चारण, छोटूसिंह रावणा, विष्णु स्वरूप महाराज व परमवीर सिंह भाटी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बड़ी भाजपा जिलाध्यक्ष जसराज पुरोहित, ईश्वरसिंह, कुंदनसिंह बालावत समेत बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग मौजूद थे। मंच का संचालन तेजसिंह निम्बलाना व भेरूपाल सिंह दासपा ने किया।

एसपी ने एसआईटी गठित करने व जांच में तेजी की बात कही

प्रतिनिधिमंडल की मांग पर जालोर एसपी शैलेन्द्र सिंह इंदौलिया ने कहा कि मैं आज ही एसआईटी गठित कर दूंगा, साथ ही आपकी मांग पर जांच किसी अन्य अधिकारी को देने के लिए आईजी से अनुमति मांगी जाएगी। साथ ही प्रतिनिधिमंडल के समय सीमा देने की मांग पर कहा कि मैं इस मामले को जल्द खोलने के प्रयास में हूँ, लेकिन एक तय समय अभी नहीं दे सकता हूँ। इस पर प्रतिनिधिमंडल ने अल्टीमेटम देते हुए पुलिस को एक महीने का समय दिया और कहा कि एक महीने में पुलिस यह मामला खोलकर दे देती है तो ठीक है नहीं तो एक महीने यानी अगली 25 दिसम्बर के बाद फिर हम बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।