शंखवाली में हिंदू सम्मेलन एक फरवरी को, आयोजन समिति का गठन

शंखवाली में हिंदू सम्मेलन एक फरवरी को, आयोजन समिति का गठन

जालोर. जिले के शंखवाली गांव में प्रस्तावित हिंदू सम्मेलन को लेकर तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शंखवाली मंडल के अंतर्गत आने वाले शंखवाली, चुंडा, आकोरापादर, मंडला और जोगावा गांवों के कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह खीमाराम विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाह खीमाराम ने हिंदू सम्मेलन के उद्देश्य, आयोजन की रूपरेखा और कार्य व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को समन्वय और अनुशासन के साथ जिम्मेदारियाँ निभाने का आह्वान किया गया।

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बैठक में सम्मेलन की पूर्व तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इनमें बैठक आयोजन की प्रक्रिया, शोभायात्रा की व्यवस्था, संत-महात्माओं को निमंत्रण, मोहल्ला बैठकों का आयोजन, प्रचार-प्रसार, मंच एवं पंडाल व्यवस्था, स्वच्छता, जल व यातायात प्रबंधन जैसे विषय शामिल रहे। खीमाराम ने कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दायित्व सौंपते हुए समयबद्ध रूप से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शंखवाली मंडल के सभी गांव सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए प्रत्येक गांव से कार्यकर्ताओं की सहभागिता तय की गई। आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक आयोजन समिति का गठन भी किया गया, जिसमें विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति को समग्र समन्वय, निगरानी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

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जानकारी के अनुसार हिंदू सम्मेलन का आयोजन आगामी एक फरवरी, रविवार को किया जाएगा। सम्मेलन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शंखवाली के पीछे स्थित मैदान में आयोजित होगा। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई।

बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग और सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का सशक्त संदेश दे सके।