कात्यायनी माता मंदिर प्रांगण में 15 फरवरी से होगा जिला स्तरीय पशु मेला
जालोर. सायला उपखंड मुख्यालय स्थित कात्यायनी माता मंदिर प्रांगण में अमरनाथ महाराज के सान्निध्य में आगामी 15 से 19 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले भव्य पशु मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जालोर जिले के पशुपालकों की एक जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले को ऐतिहासिक बनाने को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में वरिष्ठजनों ने कहा कि यह पशु मेला केवल पशु खरीद-फरोख्त तक सीमित न रहकर पशुपालकों की संस्कृति, परंपरा और आजीविका का बड़ा मंच बनेगा। मेले के माध्यम से उन्नत नस्लों के पशुओं का प्रदर्शन, पशुपालकों को नई जानकारी और आपसी संवाद का अवसर मिलेगा।
13 जनवरी को होगी बड़ी बैठक, जिलेभर से पशुपालक होंगे शामिल
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 13 जनवरी 2026, मंगलवार को एक और विशाल बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जालोर जिले के सभी तहसीलों और गांवों से अधिक से अधिक पशुपालकों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।

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मजबूत कार्यकारिणी व विस्तारित पशु विक्रय समिति
1. आगामी बैठक में कार्यकारिणी का व्यापक विस्तार कर जिलेभर के प्रतिनिधि पशुपालकों को जोड़ा जाएगा।
2. पशु विक्रय समिति को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, ताकि पशु खरीद-फरोख्त पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो सके।
3. मेले में बाहर से आने वाले पशुपालकों के लिए भी सुविधाजनक व्यवस्था करने पर सहमति बनी।
भव्य स्वरूप देने की रूपरेखा तैयार
1. बैठक में पशु मेले को आकर्षक व सुव्यवस्थित बनाने हेतु:
2. पूरे मेला परिसर की व्यापक साफ-सफाई,
3. अलग-अलग श्रेणी के पशुओं के लिए विशेष पशु द्वार
4. श्रद्धालुओं व आगंतुकों के लिए भव्य प्रवेश द्वार,
5. बैठने, पानी व अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

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पशुपालकों ने एकमत होकर कहा कि यह पशु मेला जालोर जिले की पहचान बने, इसके लिए सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे और आयोजन को ऐतिहासिक व यादगार बनाया जाएगा। इस दौरान अध्यक्ष उत्तम सिंह जीवाणा, उपाध्यक्ष मंगलसिंह सायला, महासचिव हड़मतसिंह सोढा, प्रवक्ता रविंद्रसिंह राणावत, नारायण सिंह रेवताड़ा, बलवंत राजपुरोहित, मंगलाराम देवासी, हुकम सिंह कोमता, गुलाबसिंह, करण सिंह, ईश्वर सिंह, सुरेश, भंवरसिंह, मदन सिंह, नरपत सिंह, विजय सिंह, नवनीत दवे, वागाराम देवासी, भवानी सिंह, आकाश, दीपाराम देवासी, बाबूसिंह, माधूसिंह, राजूभाई, हरसन भाई, जबरसिंह, मदन सिंह सहित कई पशुपलक मौजूद रहे ।