व्यवस्थापकों के कार्य बहिष्कार ने बढ़ाई किसानों की चिंता, 31 मार्च खरीफ के ऋण जमा का आखिरी दिन

व्यवस्थापकों के कार्य बहिष्कार ने बढ़ाई किसानों की चिंता, 31 मार्च खरीफ के ऋण जमा का आखिरी दिन
  • जालोर जिले में अभी भी कई किसान शेष, जिनको ऋण जमा करवाना है
  • भारतीय किसान संघ ने तिथि बढ़ाने सहकारिता मंत्री को लिखा पत्र

दिलीपसिंह बालावत, जालोर. राजस्थान में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक अपनी मांगों को लेकर 27 फरवरी से कार्य बहिष्कार पर है। इधर, किसानों को खरीफ फसल के ऋण जमा कराने के लिए 31 मार्च अंतिम तारीख है और अब सरकार ने यह तारीख नहीं बढ़ाई तो जालोर जिले में कई किसान अपना ऋण जमा कराने से वंचित रह जाएंगे और उन्हें एक साल का ब्याज जमा कराना पड़ेगा। जानकरी के अनुसार सहकारी समितियों द्वारा जिले में 90 हजार किसानों को ऋण दे रखा है। जिसमें से अब तक करीब 72 हजार किसानों ने ऋण जमा कराया है, लेकिन अभी भी 18 हजार किसान शेष है जिन्हें अपना ऋण जमा कराना है। 

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बता दें कि प्रदेश में सहकारी समितियों के व्यवस्थापक पैक्सकर्मी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कुछ समय से हड़ताल पर है। ऐसे में सहकारी समितियों में किसानों का ऋण जमा नहीं हो रहा है। ऐसे में किसानों को को-ऑपरेटिव बैंक जालोर समेत जिले की विभिन्न शाखाओं में अपना ऋण जमा कराना है। जहां पर बड़ी संख्या में किसान ऋण जमा कराने आते हैं, लेकिन जालोर जिला मुख्यालय की शाखा अधिकतम 200 लोगों का ही नम्बर आ पाता है, जबकि प्रतिदिन करीब 500 से अधिक लोग ऋण जमा कराने के लिए आते हैं।

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ऐसे में 31 मार्च तक सभी किसानों का ऋण जमा नहीं हो पाया तो शेष रहने वाले किसानों को ब्याज भुगतना पड़ेगा। अब सरकार ऋण जमा कराने की तारीख बढ़ाती है तो किसानों को राहत मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार पूर्व में 25 मार्च,2026 को दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड जयपुर के सभागार में कई बिन्दुओं के समाधान बाबत वार्ता हुई थी, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन पाई और वार्ता विफल रही थी। 27 फरवरी से व्यवस्थापकों का कार्य बहिष्कार जारी है।

भारतीय किसान संघ ने सहकारिता मंत्री को लिखा पत्र

इधर भारतीय किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने सहकारिता मंत्री गौतम दक को पत्र लिखा जिसमे उन्होंने बताया कि बेमौसम बरसात से फसलों में नुकसान, समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नही होने, व्यवस्थापकों की हड़ताल के चलते ऋण भुगतान से वंचित किसानों को अल्पकालिक फसली ऋण भुगतान अवधि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून करने की मांग की है।

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चूंकि 31 मार्च तक रबी व जायद की अधिकतर फसलों की थ्रेसिंग व मंडी भेजने की व्यवस्था नहीं हो पाती है। ऐसे में ऋण भुगतान अवधि स्थाई रूप से 30 जून की जावें ताकि किसानों से साहूकारों से किराया पर लेकर ऋण भुगतान की मजबुरी से छुटकारा मिले।

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इनका कहना है...

हमारी विभिन्न मांगों को लेकर सम्पूर्ण राजस्थान में सभी सहकारी समिति कर्मचारी (व्यवस्थापक ) कार्य बहिष्कार पर है, किसान अपना बकाया ऋण जमा कराने के लिए बैंकों में इस तपती गर्मी में परेशान हो रहा है यह सरकार और विभाग की हठधर्मिता है, 

राजस्थान में करीब 7.50 लाख किसान अभी अपना ऋण जमा नहीं करा पाये है ऋण समय पर जमा नहीं हो पाया तो किसानों को ब्याज सहित अपना सम्पूर्ण कर्जा चुकाना पड़ेगा तथा भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

सरकार को चाहिए की किसानों के हित को देखते हुए ऋण‌ जमा कराने की तिथि बढ़ाई जावें। व्यवस्थापकों की मांगों का समय पर निस्तारण करें अन्यथा यह बहिष्कार अभियान अनवरत जारी रहेगा।

  • हनुमान सिंह राजावत, प्रदेश संयोजक राजस्थान सहकारी समिति कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जयपुर

अभी जिले में करीब 18 हजार किसानों का 65 करोड़ ऋण जमा होना है, हमने जिले की कोऑपरेटिव बैंक की शाखाओं में काउंटर खुलवाये है जहाँ किसान अपना ऋण जमा करा सकते हैं। 

  • नारायणसिंह चारण, एमडी, जालोर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड