जज बोले-क्लिक करने से पहले सोचे, क्योंकि इंटरनेट सब याद रखता है

जज बोले-क्लिक करने से पहले सोचे, क्योंकि इंटरनेट सब याद रखता है
  • न्यायिक अधिकारियों ने स्कूलों में आयोजित किए जागरूकता शिविर

जालोर. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचने के बारे में विस्तार से बताया। बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अहसान अहमद ने पुरोहित छात्रावास के पीछे स्थित एक निजी विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

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इस दौरान उन्होंने रालसा की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि हमें इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अनजान लिंक पर कभी क्लिक नहीं करनी चाहिए साथ ही यदि फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया साइड पर कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे तो जांच पड़ताल के बाद ही अनुमति देनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने साइबर दुर्व्यवहार क्या है, फर्जी अकाउंट बनाना और पहचान की नकल करना, क्लास ग्रुप में साइबर बुलिंग, बिना अनुमति के निजी फोटो शेयर करने, अपमानजनक मीम और एडिटेड फोटो, धमकी भरे मैसेज और निजी चैट में गाली गलौच, ऑनलाइन पीछा करने, निजी जानकारी मांगने आदि के बारे में विस्तार से बताते हुए इनके दुरूपयोग से बचने के तरीके बताए।

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इस दौरान सचिव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नालसा हेल्पलाइन नंबर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्प लाइन नंबर सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय के दिनेश कुमार चौधरी सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। इसी प्रकार प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी अलीसा मंसुरी, प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी अक्षिता जैन ने भीनमाल रोड स्थित एक स्कूल में शिविर आयोजित किया। प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी प्रियंका बैरवा, पारूल जैन ने भी लाल पोल स्थित विद्यालय में शिविर का आयोजन साइबर क्राइम से बचने के तरीके बताए साथ ही विभिन्न कानूनों की जानकारी दी।