6 सालों से अगल रह रहे थे पति पत्नी, लोक अदालत में समझाइश से दोनों राजी होकर साथ -साथ गए घर

6 सालों से अगल रह रहे थे पति पत्नी, लोक अदालत में समझाइश से दोनों राजी होकर साथ -साथ गए घर
  • राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी पक्षकारों की भीड़ राजीनामा से निपटाए प्रकरण

जालोर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार गुप्ता के निर्देशन में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिले भर में राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों की भीड़ उमड़ी।

लोक अदालत में समझाइश से राजीनामा की भावना से प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिला मुख्यालय पर लोक अदालत का शुभारंभ समारोह जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में संविधान की पुस्तिका, संविधान उद्देशिका तथा न्याय मूर्ति के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोक अदालत में राजीनामा की भावना से अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण करवाकर जिले का नाम राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खसाराम परिहार ने बार की तरफ से हर संभव सहयोग देने की बात कही। कार्यक्रम को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद, एएसपी मोटाराम, एसडीएम मनोज, एडवोकेट गोपालसिंह राजपुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल, एसबीआई बैंक मैनेजर प्रशांत गहलोत आदि ने संबोधित किया। इस दौरान दौरान पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अमर वर्मा, उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव, सीजेएम प्रिया टावरी, एसीजेएम संख्या 2 अंकित दवे, प्रिसिपल मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, ट्रेनी मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता, बैंक अधिकारी सहित न्यायालय के कर्मचारीगण मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अधिवक्तओं ने भी प्रकरणों के निस्तारण करवाने में अपनी भूमिका निभाई।

अलग रहे थे लोक अदालत ने किया दोनों को साथ

एक मामले में पति व पत्नी दोनों करीब 6 सालों से अलग अलग रहे थे, पत्नी अपने तीन बच्चों के साथ पीहर में रह रही थी। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान दोनों पक्षकारों के बीच समझाइश की गई। पति-पत्नी दोनों के बीच समझाइश कर राजीनामा करने के लिए प्रेरित किया तो दोनों राजीनामा के लिए सहमत हो गए। मामले में 2019 से तीनों बच्चों सहित भूरी देवी अपने पीहर रहने लगी। जिस पर अधिवक्ता सरिता चौधरी की तरफ से भरण पोषण का प्रकरण लगाया था। प्रकरण लंबे समय से लंबित चल रहा था जिस पर रविवार को लोक अदालत में समझाइश कर दोनों को आपस में माला पहना राजीनामा करवाया। इस प्रकार पत्नी को उसके बच्चों सहित पति सांवलाराम देवासी के साथ उसके ससुराल भेजा और प्रकरण का निस्तारण किया गया। 

दिनभर रहा उत्सव का माहौल

लोक अदालत के दौरान इस बार सभी आगंतुओं एवं पक्षकारों के लिए अच्छी व्यवस्था की गई थी। इस बार प्राधिकरण की ओर से लोक अदालत में आए विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों पक्षकारों व हर आगंतुकों के लिए चाय व नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। लोक अदालत के दौरान पुरे दिन पक्षकारों की भीड़ जुटी रही।