नेशनल हाईवे 325 पर अधूरे कार्य और टोल वसूली के खिलाफ हाईकोर्ट सख्त, NHAI सहित केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर किया जवाब तलब
जालोर। नेशनल हाईवे-325 (बालोतरा–जालोर–सांडेराव मार्ग) के अधूरे निर्माण के बावजूद टोल वसूली किए जाने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायमूर्ति नुपुर भाटी की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, NHAI और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
यह जनहित याचिका जालोर जिले के बिशनगढ़ निवासी एडवोकेट उत्तम खान एवं एडवोकेट अयुब खान की ओर से दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नेशनल हाईवे-325 का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, इसके बावजूद गाँव बलाना और नरसाना में दो टोल प्लाजा स्थापित कर आम जनता से टोल वसूला जा रहा है।

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याचिका में बताया गया कि हाईवे पर कई स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज, बाईपास और पुलों का निर्माण अधूरा पड़ा है। दुजाना, आहोर, लेटा, जालोर, बिशनगढ़, काठाड़ी-बालवाड़ा और सिवाना क्षेत्र में अधूरे निर्माण के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे फाटकों पर लंबे जाम लगते हैं, जबकि सांकरणा-लेटा ओवर ब्रिज अधुरा होने से आए वर्ष मानसून में पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध के गेट खुलने से संकरणा-लेटा सड़क मार्ग के उपर से नदी बहने से आम जन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और आवागमन तक बाधित हो जाता है, जिससे आहोर उपखंड सहित कई गांवों का जिला मुख्यालय जालोर से संपर्क कट जाता है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि हाईवे के कई हिस्सों पर डायवर्जन और अधूरे पुलों के कारण दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं हाल ही में संकरणा-लेटा पुल पर हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति ने अपनी जान भी गंवाई, इसके बावजूद दो टोल प्लाजा संचालित कर जनता से शुल्क वसूला जा रहा है। जनहित याचिका में यह भी कहा गया कि नेशनल हाईवे फीस नियम, 2008 के अनुसार पूर्ण रूप से निर्मित सड़क पर ही टोल वसूला जा सकता है, जबकि NH-325 का बड़ा हिस्सा अब भी निर्माणाधीन है।

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याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि हाईवे का कार्य पूर्ण होने तक टोल वसूली पर रोक लगाई जाए तथा अब तक वसूले गए टोल की जांच कर कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों में भी काफी चर्चा है, क्योंकि लंबे समय से अधूरे हाईवे और टोल वसूली को लेकर जनता में नाराजगी बनी हुई है।