गांव की जमीन का डिजिटल पट्टा, संपत्ति के अधिकार की क्रांति

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DDT Team Verified Media or Organization • 01 Aug, 2026 Chief Editor
Mar 25, 2026 • 8:09 PM  0
जालोर
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गांव की जमीन का डिजिटल पट्टा, संपत्ति के अधिकार की क्रांति
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गांव की जमीन का डिजिटल पट्टा, संपत्ति के अधिकार की क्रांति
  • गांवों में मालिकाना हक की नई शुरुआत

जालोर. स्वामित्व योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। जिसकी देशव्यापी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल 2021 को की गई। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के अधिकारों को डिजिटल रूप में मान्यता देना और ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण पत्र प्रदान करना है।

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राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। स्वामित्व योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व की स्थापना की दिशा में एक सुधारात्मक कदम है, जिसमें ड्रोन तकनीक का उपयोग करके भूमि पार्सल का मानचित्रण किया जाता है और संपत्ति के मालिकों को कानूनी स्वामित्व कार्ड (संपत्ति कार्ड/स्वामित्व विलेख) जारी करने के साथ गांव के घरेलू मालिकों को ’अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान किया जाता है। स्वामित्वधारियों को राजस्थान पंचायत राज नियम-1996 के तहत भूमि का विधिक दस्तावेज (स्वामित्व कार्ड) प्रदान किया जाता हैै। यह योजना विविध पहलुओं को शामिल करती है, जैसे संपत्तियों के मुद्रीकरण की सुविधा और बैंक ऋण को सक्षम करना, संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना, व्यापक ग्राम स्तर की योजना से सही मायने में ग्राम स्वराज प्राप्त करने और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम होगा। 

स्वामित्व योजना से मिलने वाले लाभ

इस योजना के माघ्यम से ग्रामीण अब अपनी संपत्ति को एक वैध दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत कर सकते है, जिससे उन्हें ऋण लेने और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी। इस योजना का उद्देश्य संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाकर वित्तीय स्थिरता लाना, ग्रामीण नियोजन के लिए सटीक भूमि अभिलेखों का निर्माण और संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना, संपत्ति कर का निर्धारण, जो उन राज्यों में सीधे ग्राम पंचायतों को प्राप्त होगा जहां इसे हस्तांतरित किया गया है या फिर राज्य के खजाने में जोड़ा जाएगा, सर्वेक्षण अवसंरचना और जीआईएस मानचित्रों का सृजन, जिनका उपयोग किसी भी विभाग द्वारा किया जा सके तथा जीआईएस मानचित्रों का उपयोग करके बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने में सहायता करना।

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इस योजना का लाभ ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित मकान व भूखंडों की स्वामित्वधारी पंचायती राज विभाग से संपर्क कर उठा सकते हैं। योजना को पंचायती राज मंत्रालय, राज्य राजस्व विभाग, राज्य पंचायती राज विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोगात्मक प्रयासों से क्रियान्वित किया जा रहा है।

DDT Team Verified Media or Organization • 01 Aug, 2026 Chief Editor

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