रंगाला क्षेत्र के किसानों ने 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन के पोल लगाने से पहले मुआवजा देने की मांग को लेकर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा

रंगाला क्षेत्र के किसानों ने 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन के पोल लगाने से पहले मुआवजा देने की मांग को लेकर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा

जालोर.बागोड़ा उपखण्ड क्षेत्र के रंगाला क्षेत्र के लोगों ने शुक्रवार को 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन के पोल लगाने से पहले मुआवजा देने की मांग को लेकर किसानों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष सताराम बेनीवाल ने बताया कि ग्राम मैयों की ढाणी, रंगाला, नया रंगाला, मीरगंज, खोखा के खेतों में राजस्थान पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी द्वारा विद्युत लाईन 400 के.वी. खातेदारी खेतों में से खडी फसल में से उक्त लाईन निकाली गई हैं तथा खातेदारों से जबरन धमकाकर खाली पेपर पर हस्ताक्षर करवाये। उक्त मुआवजा राशि क्लेम बाबत् खातेदारों को सूचना या अन्य कोई नोटिस से सूचना नहीं दी गई हैं एवं अपनी मनमर्जी से ही खेतों में लाईन बिछाने का कार्य जोर जबरदस्ती कर रहें हैं।

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उक्त लाईन से खातेदारी खेत या उसमें खड़ी फसल में से कितना मुआवजा राशि देय होगी उस बारे में खातेदारों को अवगत नहीं करवाया हैं। हम खातेदारों द्वारा कम्पनी के ठेकेदार से पूछने पर वह अनपढ किसानों को खाली पेपर पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाकर हस्ताक्षर / अंगूठे करने की धमकी देते है तथा हस्ताक्षर अंगूठे नहीं करने पर पुलिस बल से लाईन निकालने की ऐलानियां धमकी देते हैं। अभी तक किसी भी खातेदार को मुआवजा नहीं दिया गया हैं व हमें झूठे झांसे दिये जा रहें हैं। ज्ञापन में बताया कि कम्पनी के ठेकेदार द्वारा हमारे खेतों में खडे खेजडी, रोहिडे, केर के वृक्ष बिना पूछे काट दिये हैं व काटे जा रहें हैं जिससे हम खातेदारों को लाखों रूपयों का नुकसान हो रहा हैं। ग्राम नया रंगाला के खसरा नम्बर-92 व 93 में उक्त कम्पनी के ठेकेदारों द्वारा जबरदस्ती बिना किसानों की अनुमति लिये पुलिस बल का उपयोग करते हुए लाईन बिछाने का कार्य कर रहें हैं, जिन्हें रोकने पर वे हमें पुलिस बल से डराकर मरने मारने पर उतारू हो जाते हैं। किसानों ने मांग की है कि राजस्थान पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी वालों को पाबन्द करें कि हम खातेदारों की भूमि का मुआवजा दिये बिना किसी प्रकार की लाईन हम खातेदारों के खेतों में नहीं बिछावें। इस दौरान भाकिसं के खीमसिंह, सताराम, हरखाराम, धनाराम, चेनाराम, बाबूराम, अचलाराम, डालुराम, हरखाराम, राजाराम, करनाराम,सगाराम, जीयाराम, लालाराम, शोभाराम, पाबूराम, रामूराम, अमराराम समेत किसान मौजूद थे।