घुमन्तू समाज की संस्कृति, वेशभूषा, गायन-वाद और उनकी बोली विभूषण है, उनके संरक्षण की आवश्यकता - पटेल

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DDT Team Verified Media or Organization • 01 Aug, 2026 Chief Editor
Sep 21, 2025 • 6:30 PM  0
जालोर
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घुमन्तू समाज की संस्कृति, वेशभूषा, गायन-वाद और उनकी बोली विभूषण है, उनके संरक्षण की आवश्यकता - पटेल
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21 Sep 2025
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घुमन्तू समाज की संस्कृति, वेशभूषा, गायन-वाद और उनकी बोली विभूषण है, उनके संरक्षण की आवश्यकता - पटेल
  • श्रीशांतिनाथ गुरुकुलम घुमन्तू छात्रावास का वार्षिकोत्सव उत्साह के साथ मनाया, अंतर्राष्ट्रीय जादूगर ओम भट्ट और छा़त्रावास के बच्चों के प्रदर्शन ने सभी का दिल जीता

जालोर. जालोर शहर के नोबेल वेलफेयर स्कूल प्रांगण में शनिवार देर शाम को श्रीशांतिनाथ गुरुकुलम घुमन्तू छात्रावास का वार्षिकोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। जिसमें छात्रावास के बच्चों ने शारीरिक प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया। वहीं अंतर्राष्ट्रीय जादूगर घुमन्तू समाज के ओम भट्ट ने भी अपन हाथ की सफाई से तालियां बटोरी। 

आयोजन समिति के अश्विन राजपुरोहित ने बताया कि समारोह में जलंधरनाथ अखाड़ा के गादीपति गंगानाथ महाराज के शिष्य ईश्वरनाथ महाराज की निश्रा रही, जबकि मुख्य वक्ता के नाते मालवा प्रांत घुमंतू कार्य संयोजक कैलाश पटेल तथा मुख्य अतिथि के रुप में समाजसेवी श्रवणसिंह राव उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव, समाजसेवी प्रकाश चैधरी अंतर्राष्ट्रीय जादूगर ओम भट्ट और घूमन्तु छात्रावास जोधपुर प्रांत के प्रमुख विक्रम सिंह थे। मुख्य वक्ता कैलाश पटेल ने कहा कि घूमन्तु जातियों के बारे में जो नरेटिव और अलग अलग भ्रान्तियाँ फैलाई गई है, हमें उन भ्रान्तियों को दूर कर उनको समाज की मुख्य धारा में लाने के प्रयास करना है। समर्थ भारत प्रन्यास के माध्यम से प्रदेश भर में जो छात्रावास संचालन किया जा रहा है वो एक प्रयास है। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध वर्ग से अपील की कि आप जिस क्षेत्र में काम करते हैं अपने-अपने क्षेत्र में घूमन्तु जातियों के उत्थान के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि घुमन्तू जातियों की भाषा, बोली, उनकी संस्कृति तथा गायन-वाद उनका भूषण है जिसके संरक्षण की आवश्यकता है।

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मुख्य अतिथि श्रवणसिंह राव ने जैविक खेती पर जोर दिया तथा घूमन्तु जातियों के इतिहास के बारे में जानकारी दी। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे एवं भारत माता की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। वार्षिक उत्सव के दौरान अंतरराष्ट्रीय जादूगर ओम भट्ट ने अपने हाथ की सफाई से करतब दिखाकर लोगों का दिल जीत लिया। वहीं घुमंतू छात्रावास के बच्चों ने शारीरिक प्रदर्शन, नाटक, लोकगीत और लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर लोगों की वाहवाही बटोरी। समिति के प्रबंध अध्यक्ष नंदकिशोर रांदड़ ने आगंतुक मेहमानों और भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। वहीं सचिव कानाराम परमार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मंच संचालन पुखराज भाटी और अश्विन राजपुरोहित ने किया। इस अवसर पर विभाग प्रचारक संजीव कुमार, विभाग कार्यवाह जगदीश सोनी, जिला कार्यवाह शेखर भारद्वाज, जिला प्रचारक आईदान, अजय कुमार गुप्ता, घूमन्तु कार्य संयोजक बाबूलाल मेघवाल, शिक्षाविद संदीप जोशी, गोपाल जोशी, के. एन. भाटी, मोहन लाल परमार, धर्मेंद्रसिंह, भरत गोयल, लघु उद्योग भारती के दिनेश गोयल, महेश मोर, छगनलाल दूदवा, सुरेंद्र नाग, घूमन्तु कार्य भीनमाल संयोजक कांतिलाल सूर्या, गोपाल स्वामी एवं नरेश देवड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

भामाशाहों का किया सम्मान

समारोह के दौरान मुख्य वक्ता एवं अतिथियों के द्वारा श्री शांतिनाथ गुरुकुलम् घुमन्तू छा़त्रावास के संचालन में आर्थिक सहयोग करने के वाले भामाशाह श्रवणसिंह राव, नंदकिशोर रादंड़, उमाकांत गुप्ता, गोकुल डेयरी रानीवाड़ा के अमृतलाल, खेताराम आलवाड़ा व गमनाराम जैसावास, भगवान चौधरी, प्रकाश चौधरी, नरेंद्र चौधरी अमन अग्रवाल आदि भामाशाहों का भगवा दुपट्टा पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया गया।

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